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Ahmedabad Plane Crash: अहमदाबाद प्लेन हादसे के बाद जल रही थी लाशें, हाथ लगाते निकल जा रहा था मांस, डेड बॉडी निकालने वाले ने बताई सच्चाई…

Ahmedabad Plane Crash: गुजरात के अहमदाबाद में 12 जून की दोपहर डेढ़ बजे के करीब एयर इंडिया का प्लेन हादसे का शिकार हो गया. यह हादसा प्लेन के टेकऑफ करने के 1 मिनट के अंदर हुआ था. टेकऑफ के बाद प्लेन गुजरात के मेघनी नगर में मौजूद बीजे मेडिकल कॉलेज के एक हॉस्टल के ऊपर क्रैश हुआ था. इस हादसे में 241 लोगों की जान चली गई. जिसमें गुजरात के पूर्व मुख्यमंत्री विजय रूपाणी भी थे. हादसे के बाद आनन-फानन में प्रशासन ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया. लेकिन किसी को बचाया नहीं जा सका. प्लेन में सवार अधिकतर यात्रियों की ऑन स्पॉट मौत हो गई थी.

इस हादसे के बाद शवों को निकालने में अहम भूमिका निभाने वाले संजय वघे ने बताया कि हादसा इतना भयंकर था कि पूरी इमारत जल रही थी. जब वो घटनास्थल पर पहुंचे तो वहां पर बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर एक छात्र पर्दे के सहारे नीचे कूदने की कोशिश कर रहा था. पास में ही एक डॉक्टर लड़की की लाश जल रही थी.

तीन डॉक्टरों को जलते हॉस्टल से निकाला बाहर

संजय वघे ने बताया कि वो मुंह पर चादर बांधकर दूसरी मंजिल पर पहुंचे. जिसके बाद वो वहां से तीन लोगों को लेकर नीचे उतरे. जिसके बाद उन्हें एक एंबुलेंस में बैठाकर अस्पताल भेजा.
हादसे के बाद जल रही थी लाशें

हादसे के बाद जल रही थी लाशें

वघे ने बताया कि हादसे वाली जगह की हालत बेहद खराब थी. प्लेन में बैठे लगभग सभी यात्रियों की मौत हो चुकी थी और उनकी लाशें जल रही थी. आसपास मौजूद लोगों में से किसी की भी ऐसी ताकत नहीं थी कि वो उन लाशों को बाहर निकाल सके.

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25-30 लाशों को निकाला बाहर

वघे आगे बताते हैं कि जब उन्होंने लाशों को उठाने की कोशिश की तो किसी के हाथ का मांस उखड़ जा रहा था तो किसी का सिर. संजय वघे आगे उस दिन के हालात को सोच कर भी सिहर जाते हैं. वो आगे कहते हैं कि मेरी जितनी ताकत थी, उसका यूज करके उन्होंने 25 से 30 लाशों को बाहर निकाले.

बता दें कि, एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 12 जून को 1 बजकर 38 मिनट पर टेकऑफ किया था और मात्र एक मिनट के अंदर मेघानी नगर में क्रैश हो गया. हादसे के समय इस प्लेन में 242 लोग मौजूद थे. जिसमें से सिर्फ एक व्यक्ति जिंदा बच पाया है.

– भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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