अखिलेश यादव (फोटो सोशल मीडिया)
Ayodhya Ram Mandir: राम मंदिर उद्घाटन से पहले निमंत्रण को लेकर लगातार सियासत जारी है. बता दें कि मंदिर ट्रस्ट की ओर से देश भर के राजनीतिक दलों के प्रमुख को निमंत्रण दिया जा रहा है. इसी बीच निमंत्रण को लेकर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने भाजपा को आड़े हाथों लिया है और विपक्ष को अपमानित करने के लिए जानबूझकर प्रोपेगेंडा फैलाने का आरोप लगाया है. पत्रकारो से बात करते हुए सपा प्रमुख ने निमंत्रण के सवाल पर कहा कि, ‘भगवान का निमंत्रण कौन देता है, भगवान जिनको बुलाते हैं वे लोग जाते हैं. ये लोग (बीजेपी) राजनीतिक कार्यक्रम करवा रहे हैं’.
इसी के साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने आगे कहा कि, “भाजपा वाले हर चीज को इवेंट में तब्दील कर दे रहे हैं. अपने फायदे के लिए कार्यक्रम चला रहे हैं.” इसी के साथ ही अखिलेश ने कहा कि, ‘हम लोग 100% हिन्दू और सनातन परंपरा को मानते हैं. अगर शंकराचार्य प्राण प्रतिष्ठा समारोह में आने से मना कर रहे हैं तो क्या ये बीजेपी वाले उनको भी सनातन विरोधी बोलेंगे? जब राम बुलाएंगे तो मैं अयोध्या चला जाऊंगा’. स्वामी विवेकानंद की जयंती के अवसर पर समाजवादी पार्टी के लखनऊ कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान पत्रकारों से बात करते हुए अखिलेश यादव ने भाजपा पर जमकर प्रहार किया औऱ कहा कि, ‘भाजपा ने आज जो रास्ता चुना है वह समाज को बांटने का है. भाजपा का रास्ता न तो सहिष्णुता का है और न ही सार्वभौमिक स्वीकृति का.” इसके अलावा अखिलेश ने ये भी कहा कि, आज जब हम स्वामी विवेकानंद को याद कर रहे हैं तो हमें उनके दिखाये रास्ते पर चलने का संकल्प लेना चाहिए.
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बता दें कि राम मंदिर उद्घाटन और प्राण-प्रतिष्ठा के निमंत्रण को लेकर अखिलेश यादव के कई बयान सामने आ चुके हैं. एक दिन पहले ही उन्होंने कहा था कि, उन्हें 22 जनवरी को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि मंदिर में भगवान भगवान रामलला के प्रतिष्ठा समारोह का कोई निमंत्रण नहीं मिला है. तो वहीं इसको लेकर विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा है कि ‘अखिलेश यादव को कूरियर द्वारा निमंत्रण भेजा गया था. उस पर कोई विवाद नहीं है. अगर उनके दावे के मुताबिक उन्हें निमंत्रण पत्र नहीं मिला है तो हम उन्हें दोबारा निमंत्रण भेज सकते हैं.’ तो वहीं अखिलेश ने कूरियर वाली बात को लेकर ये कहा है कि, जिन लोगों ने कहा है कि मुझे कूरियर से निमंत्रण भेजा गया है, उन्हें रसीद देनी चाहिए ताकि इसे ट्रैक किया जा सके. हालांकि इससे पहले अखिलेश ये भी कह चुके हैं कि, जब डाक से निमंत्रण भेजा है तो जवाब भी डाक से ही भेज दिया जाएगा.
-भारत एक्सप्रेस
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