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सनातन धर्म और भारत की रक्षा के लिए था गुरु तेग बहादुर का बलिदान! नवी मुंबई में बोले गृह मंत्री अमित शाह

Amit Shah In Navi Mumbai: सिख धर्म के नौवें गुरु श्री तेग बहादुर के 350वें शहीदी दिवस पर महाराष्ट्र के नवी मुंबई में शहीदी समागम समारोह का आयोजन किया गया. जिसमें देश के गृह मंत्री अमित शाह भी शामिल हुए. जो बोले सो निहाल के उद्घोष के साथ गृह मंत्री ने आभार व्यक्त किया. इस मौके पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और डिप्टी सीएम सुनेत्रा पवार भी मौजूद रहीं.

गृहमंत्री ने गुरुओं के सम्मान को राष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाने के लिए पीएम मोदी का आभार जताते हुए कहा कि, पीएम मोदी ने गुरुओं के योगदान को स्मरण करने का कोई अवसर नहीं छोड़ा. उन्होंने महाराष्ट्र में गुरु तेग बहादुर के जीवन और बलिदान को युवाओं तक पहुंचाने के लिए देवेंद्र फडणवीस को भी बधाई दी.

उन्होंने कहा,

गुरु तेग बहादुर जी ने साढ़े तीन सौ साल पहले जो बलिदान दिया, वह केवल सिख समाज के लिए नहीं बल्कि पूरे भारत और सनातन धर्म की रक्षा के लिए था. जब कश्मीर के पंडित औरंगजेब के अत्याचारों से पीड़ित होकर उनकी शरण में आए, तब गुरु साहब ने अन्याय के विरुद्ध खड़े होने का निर्णय लिया. उन्होंने कहा कि यदि औरंगजेब उन्हें धर्म परिवर्तन के लिए विवश कर सके, तो अन्य लोग भी कर लेंगे अन्यथा अत्याचार का विरोध होगा.

अन्याय के खिलाफ गुरु जी ने अर्पित किया शीश

अमित शाह ने कहा कि गुरुतेग बहादुर ने धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया. उन्होंने कहा कि,

भाई मति दास जी, भाई सती दास जी और भाई दयाला जी जैसे वीरों ने अमानवीय यातनाएं सहते हुए धर्म की रक्षा के लिए बलिदान दिया. अंततः 11 नवंबर 1675 को गुरु तेग बहादुर जी ने दिल्ली के चांदनी चौक में अपना शीश अर्पित कर दिया, लेकिन अन्याय के सामने सिर नहीं झुकाया.

गुरुओं ने संघर्ष का दिखाया मार्ग

गृहमंत्री ने आगे कहा कि गुरुओं ने अन्याय के खिलाफ संगठित होकर संघर्ष का मार्ग दिखाया. गुरु गोबिंद सिंह जी ने गुरु तेग बहादुर से ही प्रेरणा लेकर 1699 में खालसा पंथ की स्थापना की. उन्होंने कहा कि सिख परंपरा के दसों गुरुओं ने समाज को आध्यात्मिक शक्ति और साहस दिया.

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उन्होंने कहा कि आज हम सभी का कर्तव्य है कि गुरु साहिब के आदर्शों को अपने जीवन में उतारें, अन्याय के सामने न झुकें, सत्य और धर्म के मार्ग पर चलें, और समाज में एकता और सेवा की भावना को आगे बढ़ाएं.

-भारत एक्सप्रेस

Govind Kumar Singh

मैं गोविंद सिंह हूं और मूल रूप से बिहार के कैमूर की पहाड़ियों वाले इलाके से आता हूं। मेरी शुरुआती पढ़ाई-लिखाई वाराणसी के उदय प्रताप कॉलेज से हुई। इसके बाद मैंने पटना कॉलेज, पटना से मास कम्यूनिकेशन में ग्रेजुएशन किया। पढ़ाई पूरी करने के बाद मैंने पत्रकारिता के क्षेत्र में अपने करियर की शुरुआत की और अलग-अलग संस्थानों में काम करते हुए खबरों की दुनिया को करीब से समझा। अपने पेशेवर सफर में मुझे ईटीवी भारत, इनशॉर्ट्स और श्यामा प्रसाद मुखर्जी रिसर्च फाउंडेशन जैसे संस्थानों के साथ काम करने का अवसर मिला। इन जगहों पर काम करते हुए मैंने रिपोर्टिंग, कंटेंट लेखन, रिसर्च और समाचारों की प्रस्तुति से जुड़ी कई महत्वपूर्ण बातें सीखीं। फिलहाल मैं भारत एक्सप्रेस में सब एडिटर के तौर पर कार्यरत हूं। यहां मेरी मुख्य रुचि विदेश, राजनीति और बिहार से जुड़ी खबरों को कवर करने में है।

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