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सदन चलते ही राहुल गांधी को क्यों जाना होता है विदेश? अमित शाह के सवाल पर बौखला उठा विपक्ष

Amit Shah On Rahul Gandhi: बजट सत्र (Parliament Budget Session 2026)के दूसरे चरण में दूसरे दिन लोकसभा में राजनीतिक हलचल तेज हो गई, जब गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने भाषण देते हुए राहुल गांधी (Rahul Gandhi) और कांग्रेस पार्टी पर जमकर निशाना साधा. उन्होंने ओम बिरला (Om Birla) के खिलाफ लाए गए अविश्वास प्रस्ताव पर चर्चा के दौरान नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की सदन में मौजूदगी को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए.

संसद सत्र के दौरान राहुल गांधी विदेश में रहते हैं- अमित शाह

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि 17वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति करीब 51 प्रतिशत और 16वीं लोकसभा में 52 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 80 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों और बजट पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया और शीतकालीन सत्र के दौरान भी जर्मनी यात्रा पर थे. शाह ने आरोप लगाया कि जब-जब संसद का सत्र होता है, तब राहुल गांधी अक्सर विदेश यात्रा पर रहते हैं और बाद में कहते हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता. ये सदन पक्ष, प्रतिपक्ष, स्पीकर और राष्ट्रपति, इन सबको मिलाकर सदन बनता है.

सदन में कांग्रेस को 78 घंटे मिले

लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि कांग्रेस यह आरोप लगाती है कि उसे बोलने का मौका नहीं दिया जाता, जबकि आंकड़े इसके उलट हैं. उन्होंने कहा कि 17वीं लोकसभा में कांग्रेस के 52 सांसद थे, फिर भी उन्हें करीब 158 घंटे बोलने का समय मिला, जो बीजेपी के मुकाबले कई गुना ज्यादा था. अमित शाह ने कहा कि 18वीं लोकसभा में भी कांग्रेस ने 78 घंटे बोली है, जबकि उनके 99 सदस्य हैं. इसमें भी बीजेपी से दोगुना समय मिला है.


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अविश्वास प्रस्ताव नहीं बोले राहुल गांधी

गृह मंत्री ने विपक्ष के नेता राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए कहा कि जब बोलने का मौका आता है तो वे जर्मनी होते हैं, इंग्लैंड होते हैं सदन में मौजूद नहीं रहते. उन्होंने कहा कि कांग्रेस स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लेकर आई, लेकिन उस पर भी विपक्ष के नेता ने बात नहीं की. शाह ने कहा कि समस्या यह नहीं है कि उन्हें बोलने नहीं दिया जाता, बल्कि वे या तो बोलना नहीं चाहते या नियमों के अनुसार बोलना नहीं जानते. अमित शाह ने कहा कि सदन में नियमों का पालन जरूरी है और नियमों को तोड़कर बोलने की इजाजत किसी को नहीं दी जा सकती.

-भारत एक्सप्रेस

Sahil Singh

पढ़ने-लिखने से शुरू हुआ सफर खबरों तक ले गया. पत्रकारिता को करियर बनाने का एक मात्र उद्देश्य—पढ़ना, साथ ही नई-नई चीज़ों को जानने की जिज्ञासा रखना था. आज से पहले ‘आज तक’ चैनल, उसके बाद दायित्व वेबसाइट, और अब भारत एक्सप्रेस में बतौर सब-एडिटर की भूमिका निभा रहा हूं.

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