Amit Shah slams Rahul Gandhi: बुधवार (11 मार्च) को बजट सत्र के दौरान (Parliament Budget Session 2026) लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा हुई. दूसरे दिन इस प्रस्ताव पर बोलते हुए गृह मंत्री अमित शाह (Amit Shah) ने कांग्रेस और विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) पर तीखा हमला बोला. उन्होंने कहा कि स्पीकर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाना बेहद अफसोसजनक है. साथ ही अमित शाह ने कहा कि विपक्ष की आवाज दबाने का असली उदाहरण 1975 में लगाया गया आपातकाल था.
नोटिस में साल गलत लिखा गया- अमित शाह
गृह मंत्री ने विपक्ष पर आरोप लगाया कि वेल में आकर कागज फाड़कर चेयर की ओर फेंकना और हंगामा करना संसदीय मर्यादा के खिलाफ है. शाह ने कहा कि सदन केवल नियमों के अनुसार ही चल सकता है और गंभीर अव्यवस्था की स्थिति में स्पीकर को कार्यवाही स्थगित करने का भी अधिकार होता है.
गुह मंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रस्ताव लाने में भी गंभीरता नहीं दिखाई गई. नोटिस में साल गलत लिखा गया और संकल्प भी संलग्न नहीं था. बाद में उसे वापस लेकर नया नोटिस दिया गया, जिसमें भी तकनीकी खामियां थीं. शाह ने कहा कि संसद नियमों से चलती है, किसी पार्टी की मर्जी से नहीं.
संसद सत्र के दौरान देश में नहीं रहते राहुल गांधी- अमित शाह
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी की उपस्थिति पर सवाल उठाते हुए कहा कि 17वीं लोकसभा में उनकी उपस्थिति करीब 51 प्रतिशत और 16वीं लोकसभा में 52 प्रतिशत रही, जबकि राष्ट्रीय औसत लगभग 80 प्रतिशत था. उन्होंने कहा कि राहुल गांधी ने कई महत्वपूर्ण विधेयकों और बजट पर चर्चा में हिस्सा नहीं लिया और शीतकालीन सत्र के दौरान भी जर्मनी यात्रा पर थे. शाह ने आरोप लगाया कि जब-जब संसद का सत्र होता है, तब राहुल गांधी अक्सर विदेश यात्रा पर रहते हैं और बाद में कहते हैं कि उन्हें बोलने का मौका नहीं दिया जाता. ये सदन पक्ष, प्रतिपक्ष, स्पीकर और राष्ट्रपति, इन सबको मिलाकर सदन बनता है.
राहुल गांधी के आचरण पर अमित शाह के सवाल
लोकसभा में गृह मंत्री अमित शाह ने राहुल गांधी के आचरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि स्पीकर के कंडक्ट पर सवाल उठाने से पहले अपने व्यवहार पर भी ध्यान देना चाहिए. उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री के पास जाकर अचानक गले लगना या कभी फ्लाइंग किस करोगे, आंख मटकाओगे, जैसी घटनाएं पहले कभी नहीं देखी गईं. इस टिप्पणी के बाद विपक्षी दलों ने जोरदार हंगामा किया और अमित शाह से माफी की मांग की.
अमित शाह ने आगे कांग्रेस पर हमला करते हुए कहा कि राजीव गांधी फाउंडेशन को 2005-06 में चीनी दूतावास से 1.35 करोड़ रुपये का दान मिला था और बाद में उसका एफसीआरए लाइसेंस रद्द कर दिया गया. उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चीनी कम्युनिस्ट पार्टी के साथ समझौता किया था और उसे स्पष्ट करना चाहिए कि वह किसलिए था.
-भारत एक्सप्रेस
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