फोटो-सोशल मीडिया
UP News: उत्तर प्रदेश में वसूली करने वाले पुलिसकर्मियों को लेकर खबरें लगातार सामने आ रही हैं. इसी क्रम में बरेली से एक ताजा ऑडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे में हड़कम्प मचा हुआ है. बताया जा रहा है कि ये ऑडियो यूपी 112 में मनचाही तैनाती के नाम पर वसूली से जुड़ा हुआ है. तो वहीं खाकी की लाज बचाने के लिए एसएसपी ने सिपाही पुष्पेंद्र सिंह रजत को सस्पेंड कर दिया है तो वहीं नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक से स्टाफ के तबादले का अधिकार भी छीन लिया है. इसी के साथ पूरे मामले की जांच एसपी सिटी को सौंप दी गई है.
मीडिया सूत्रों के मुताबिक, बरेली जिले में जो यूपी 112 की गाड़ियां संचालित हो रही हैं, उसके नोडल अधिकारी एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह हैं. तो वहीं जो ऑडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है, उसे सोमवार रात का बताया जा रहा है और ये ऑडियो यूपी 112 के कार्यालय में तैनात सिपाही पुष्पेंद्र सिंह रजत व पीआरवी 175 पर तैनात हेड कांस्टेबल अब्दुल कादिर की बातचीत से सम्बंधित है, जिसमें पुष्पेंद्र ने पीआरवी स्टाफ को कॉल किया और पूछा कि गाड़ी पर कौन-कौन हैं. तो दूसरी ओर से सभी के नाम बताए गए. फिर पुष्पेंद्र ने अब्दुल कादिर से कहा कि भाई ट्रैफिक साहब याद कर रहे थे आपकी गाड़ी को…भेजा नहीं आपने. इस पर अब्दुल कादिर ने चौंकते हुए कहता है कि, हमारी गाड़ी को? काहे के लिए. इस पर पुष्पेंद्र ने कहा कि आपको किसी ने कुछ बताया नहीं तो अब्दुल कादिर मना कर देता है. फिर पुष्पेंद्र कहता है कि, पता नहीं है तो पूछ लेना, आपके थाने की और गाड़ियों से.
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इसी तरह दोनों के बीच बात आगे बढ़ती है और फिर अब्दुल कादिर पुष्पेंद्र से पूछता है कौन सी वाली तो पुष्पेंद्र ने कहा कि गाड़ी नंबर 204 वालों से संपर्क कर लेना. किसी से पूछ लो या किसी को भेज दो, साहब नाराज हो रहे हैं. इस पर अब्दुल कादिर ने बात को कुछ-कुछ समझता है और फिर कहता है कि यहां कुछ है ही नहीं. कटरी की गाड़ी है ये, रोड की गाड़ी तो है नहीं. इस पर पुष्पेंद्र कहता है, हम क्या कर सकते हैं, देख लेना या किसी को भेज देना. जैसा भी होगा हम साहब को बता देंगे.
वहीं इस पूरे मामले पर एसएसपी घुले सुशील चंद्रभान ने मीडिया को जानकारी दी कि, ऑडियो के आधार पर सिपाही पुष्पेंद्र को निलंबित कर एसपी सिटी को मामले की जांच सौंप दी है. इसी के साथ बताया कि, उनके अनुमोदन के बिना पीआरवी के किसी कर्मचारी का तबादला नहीं हो सकेगा.
वहीं इस पूरे प्रकरण में अपनी सफाई देते हुए एसपी ट्रैफिक राममोहन सिंह ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि, उन्होंने पीआरवी का रिस्पांस टाइम 15 से नौ मिनट कराया है. इसी के साथ ही काम व अनुशासन को लेकर स्टाफ पर सख्ती की तो उनकी छवि खराब करने को लेकर ये सब किया जा रहा है. उन्होंने कहा कि, किसी पीआरवी कर्मचारी से कोई रुपया नहीं लिया जाता है.
-भारत एक्सप्रेस
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