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कपड़ा क्षेत्र अब देश में दूसरा सबसे बड़ा रोजगार सृजन क्षेत्र बनकर उभरा है : गिरिराज सिंह

केंद्रीय वस्त्र मंत्री गिरिराज सिंह ने गुरुवार को कहा कि भारत के आर्थिक परिदृश्य में कपड़ा क्षेत्र का महत्व बढ़ रहा है और यह क्षेत्र अब देश में दूसरा सबसे बड़ा रोजगार सृजन क्षेत्र बनकर उभरा है. नई दिल्ली में 11 वें राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के उद्घाटन के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के ‘आत्मनिर्भर भारत’ के दृष्टिकोण को दोहराते हुए केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने हथकरघा क्षेत्र में उद्यमिता को बढ़ावा देने और बुनकरों और लघु उद्यमियों को सशक्त बनाने के लिए मुद्रा योजना जैसी योजनाओं का लाभ उठाने की आवश्यकता पर बल दिया.

बुनकरों और डिजाइनरों को मिल रहा नया प्लेटफॉर्म

उन्होंने उत्पाद विविधीकरण, रेमी और लिनेन जैसे प्राकृतिक रेशों को बढ़ावा देने और विशेष रूप से देश भर के 797 हथकरघा समूहों के माध्यम से दूसरी पीढ़ी के हथकरघा उद्यमियों को समर्थन देने पर जोर दिया. केंद्रीय मंत्री ने कहा, “सरकार आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और ब्लॉकचेन जैसी अत्याधुनिक तकनीकों के माध्यम से स्वदेशी डिजाइन के संरक्षण की दिशा में काम कर रही है, जिससे भारतीय बुनकरों और डिजाइनरों के बौद्धिक संपदा अधिकारों की रक्षा सुनिश्चित हो सके.”

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने युवा पीढ़ी से हथकरघा उद्योग से सक्रिय रूप से जुड़ने का आग्रह किया और डिजाइनरों व बुनकरों से देश भर के युवाओं को आकर्षित करने वाले समकालीन हथकरघा उत्पाद बनाने में सहयोग करने का आह्वान किया. उन्होंने नागरिकों से भारतीय शिल्प कौशल की समृद्ध परंपरा का समर्थन करते हुए, सप्ताह में कम से कम एक बार हथकरघा पहनने की अपील की.

‘लोकल फॉर ग्लोबल’

कार्यक्रम में कपड़ा राज्य मंत्री पबित्रा मार्गेरिटा ने कहा कि यह राष्ट्रीय हथकरघा दिवस भारतीय हथकरघा उद्योग की समृद्ध विरासत और इसके महत्व को मनाने का अवसर है. उन्होंने कहा, “माननीय प्रधानमंत्री का ‘वोकल फॉर लोकल’ और ‘लोकल फॉर ग्लोबल’ का दृष्टिकोण एक जीवंत वास्तविकता बन रहा है और केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह के मार्गदर्शन में, कपड़ा मंत्रालय हथकरघा क्षेत्र में विकास और इनोवेशन के नए युग की शुरुआत कर रहा है.” पबित्रा मार्गेरिटा ने हैंडलूम मार्क और इंडिया हैंडलूम ब्रांड जैसी पहलों पर प्रकाश डाला, जो भारतीय हथकरघा कपड़ों को स्थिरता के वैश्विक प्रतीकों में बदल रही हैं.

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भारत एक्सप्रेस

Shreyansh Choubey

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