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राहुल गांधी के पास 24 घंटे से कम का समय, किस कागज पर दस्तखत चाहता है चुनाव आयोग?

चुनाव आयोग पर लगातार लगाए जा रहे राहुल गांधी (Rahul Gandhi) के आरोपों पर इलेक्शन कमीशन (Karnataka Election Commissioner) सख्त हो गया है. आयोग ने पत्र भेजकर कहा है कि अपने आरोपों (Vote Chori) पर हलफनामा पेश करें जिससे आगे की कार्रवाई की जा सकें.

Rahul Gandhi Vote Chori Allegations

राहुल गांधी

कर्नाटक के मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) (Karnataka Election Commissioner) ने कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी (Rahul Gandhi) को एक पत्र भेजा है. यह पत्र उनके उन आरोपों के जवाब में है, जिनमें उन्होंने मतदाता सूची से नाम हटाने और अपात्र लोगों के नाम जोड़ने की धांधली की बात कही थी. सीईओ ने राहुल गांधी से इन आरोपों को हलफनामे के रूप में सौंपने को कहा है. इसके लिए उन्हें शुक्रवार दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच का समय भी दिया गया है, ताकि वह खुद आकर अपना पक्ष रख सकें.

राहुल गांधी (Rahul Gandhi Vote Chori Allegations) ने हाल ही में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर चुनाव आयोग पर वोट चोरी में शामिल होने का आरोप लगाया था. उन्होंने दावा किया कि कर्नाटक की मतदाता सूची से एक लाख से ज़्यादा मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं और भाजपा के इशारे पर यह धांधली की गई है. इस पर चुनाव आयोग ने तुरंत प्रतिक्रिया दी और उनके दावों को निराधार, भ्रामक और धमकाने वाला बताया.

सीईओ ने उठाए कई सवाल

सीईओ ने अपने पत्र में स्पष्ट किया है कि मतदाता सूची को पूरी पारदर्शिता के साथ जनप्रतिनिधित्व अधिनियम 1950 और चुनाव आयोग के नियमों के तहत तैयार किया गया है. उन्होंने याद दिलाया कि नवंबर 2024 में मतदाता सूची का ड्राफ्ट और जनवरी 2025 में अंतिम सूची कांग्रेस के साथ साझा की गई थी, लेकिन उस समय कांग्रेस की ओर से कोई शिकायत या अपील दर्ज नहीं की गई.

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चुनाव आयोग राहुल गांधी से अनुरोध किया है कि वे हलफनामे के साथ उन मतदाताओं के नाम, पार्ट नंबर और सीरियल नंबर जमा करें, जिनके नाम हटाए गए या जोड़े गए हैं. साथ ही, पत्र में यह भी साफ किया गया है कि यदि जानकारी गलत पाई गई तो कानूनी कार्रवाई की जा सकती है. सीईओ ने यह भी साफ किया कि चुनाव परिणामों को केवल उच्च न्यायालय में याचिका के माध्यम से चुनौती दी जा सकती है, न कि सार्वजनिक आरोपों के जरिए.

पहले भी आयोग ने दी थी चुनौती

यह पहली बार नहीं है, जब चुनाव आयोग ने राहुल गांधी को उनके आरोपों पर चुनौती दी हो. इससे पहले भी जब राहुल गांधी ने सबूत होने का दावा किया था, तो आयोग ने कहा था कि उन्होंने कभी कोई औपचारिक शिकायत दर्ज नहीं कराई और बार-बार बुलाए जाने पर भी वह आयोग के सामने पेश नहीं हुए. अब देखना यह है कि राहुल गांधी इन आरोपों के लिए हलफनामा जमा करते हैं या नहीं.



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