Aurangabad Minor Gangrape Case -Biharbharat express
Aurangabad Minor Gangrape Case Bihar: देश में महिलाओं और बेटियों की सुरक्षा को लेकर हर रोज बड़े-बड़े दावे किए जाते हैं, लेकिन जमीनी हकीकत आज भी दिल दहला देने वाली है. दिल्ली में चलती बस में हुए खौफनाक कांड के बाद रूह कंपा देने वाला मामला बिहार के औरंगाबाद जिले से सामने आया है, जहां सड़क पर चलती एक नाबालिग बच्ची को कार सवार हैवानों ने अपनी दरिंदगी का शिकार बना डाला. इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, तीसरे की तलाश जारी है.
घटना औरंगाबाद जिले के कुटुंबा थाना क्षेत्र की है. पीड़िता अपने घर से पैदल अस्पताल के लिए निकली थी. उसे जरा भी अंदाजा नहीं था कि रास्ते में दरिंदे घात लगाए बैठे हैं. रास्ते में कार सवार तीन युवकों ने अचानक मासूम को रास्ते से ही जबरन खींचकर कार में बिठा लिया. चीखने-चिल्लाने का मौका तक नहीं मिला और हैवान उसे अज्ञात जगह ले गए. कई घंटों तक बच्ची के साथ सामूहिक दुष्कर्म की घिनौना वारदात को अंजाम दिया गया. जब मासूम की हालत अधमरी हो गई, तो आरोपी उसे घर से करीब एक किलोमीटर दूर सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए.
दर्द से कराहती और लहूलुहान हालत में किसी तरह जब बेबस मासूम अपने घर पहुंची, तो उसकी हालत देख परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई. बच्ची ने रोते-बिलखते अपने साथ हुई इस खौफनाक आपबीती को बयां किया. जिस बच्ची को अपनी सेहत के इलाज के लिए अस्पताल जाना था, वह हवस के भूखे भेड़ियों की दरिंदगी का शिकार होकर जिंदगी और मौत के बीच झूल रही थी.
घटना से आक्रोशित परिजन तुरंत शिकायत दर्ज कराने कुटुंबा थाना पहुंचे. मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया. थानाध्यक्ष इमरान आलम के नेतृत्व में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद आरोपियों—प्रिंस कुमार और रौशन कुमार को गिरफ्तार कर लिया. तीसरे आरोपी राजू की गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है.
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दूसरी ओर, झारखंड के धनबाद में एक आदिवासी किशोरी के साथ हुए गैंगरेप के तीनों फरार आरोपियों—दयाशंकर यादव, साजन अंसारी और रंजन साव को विशेष टीम ने बिहार के आरा स्टेशन के पास से गिरफ्तार कर लिया. जांच में सामने आया कि स्थानीय मददगार आरोपियों को पुलिस की लोकेशन दे रहे थे और फोन स्विच ऑफ रखने की सलाह दे रहे थे.
सवाल आज भी वही है कि आखिर कब तक बेटियां यूं ही सड़क पर चलने से डरती रहेंगी और कब कानून का खौफ इन दरिंदों के दिलों में बैठेगा?
भारत एक्सप्रेस
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