रिपोर्ट- संजय मांझी
Budge Budge TMC Leader Controversy: पश्चिम बंगाल में साल 2026 के ऐतिहासिक राजनीतिक बदलाव के बाद अब तृणमूल कांग्रेस (TMC) के नेताओं के पापों के घड़े एक-एक कर फूटने लगे हैं. टीएमसी के सबसे बड़े गढ़ और राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी के संसदीय क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले बजबज-1 ब्लॉक के उत्तर रायपुर इलाके में बीती रात भारी हड़कंप मच गया. इलाके में सालों से आतंक और सिंडिकेट राज चलाने वाले टीएमसी नेता सोमनाथ दास के घर को आधी रात को स्थानीय जनता ने घेर लिया.
इस घेराबंदी के बाद जो सच सामने आया है, उसने पूरे बंगाल को झकझोर कर रख दिया है. टीएमसी नेता के ठिकाने से भारी मात्रा में सफेद साड़ियों के थान, सरकारी तिरपाल और कंबल बरामद हुए हैं, जिन्हें गरीबों में बांटने के बजाय कालाबाजारी के लिए छिपाकर रखा गया था.
इस पूरे मामले में सबसे रूह कँपा देने वाला खुलासा ‘सफेद साड़ियों’ को लेकर हुआ है. स्थानीय महिलाओं और ग्रामीणों का आरोप है कि 2026 के विधानसभा चुनाव से पहले सोमनाथ दास और उसके गुर्गे इलाके की महिलाओं को डराते थे कि उन्हें पोलिंग बूथ पर वोट डालने जाने की जरूरत नहीं है, उनका वोट खुद-ब-खुद डाल दिया जाएगा.
यदि किसी महिला या परिवार ने इसका विरोध करने की हिम्मत दिखाई, तो उन्हें धमकी दी जाती थी कि उनके घर ‘सफेद साड़ी का थान’ (यानी पति की मौत या विधवा होने का खौफनाक प्रतीक) भेज दिया जाएगा. आज जब नेता के घर से सफेद साड़ियों का भारी जखीरा बरामद हुआ, तो जनता का दावा सच साबित हो गया कि यह सिंडिकेट किस कदर लोगों को मानसिक रूप से प्रताड़ित करता था.
भ्रष्टाचार की कहानी यहीं खत्म नहीं होती. सोमनाथ दास के ठिकाने से भारी मात्रा में युवाओं के शैक्षणिक दस्तावेज (Educational Certificates) भी मिले हैं. आरोप है कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर बेरोजगार युवाओं से उनके असली सर्टिफिकेट टीएमसी पार्टी कार्यालय के जरिए जमा कराकर उन्हें बंधक बना लिया जाता था.
इसके अलावा, चुनाव से ठीक पहले बनी 80 लाख रुपये की सड़क परियोजना में भी भयंकर घोटाला सामने आया है, जो बनने के महज 40 दिनों के भीतर ही पूरी तरह उखड़ गई. स्थानीय लोगों का कहना है कि उत्तर रायपुर को टीएमसी नेताओं और ठेकेदारों ने मिलकर भ्रष्टाचार का सबसे बड़ा अड्डा बना दिया था.
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बीती रात करीब 12 बजे जब सोमनाथ दास के घर से कुछ लोग बैग में कागजात छिपाकर भाग रहे थे, तभी ग्रामीणों ने उन्हें रंगे हाथों दबोच लिया. जनता के भारी दबाव के बाद पुलिस बल को मौके पर पहुंचना पड़ा, लेकिन टीएमसी नेता सोमनाथ दास घर से पहले ही फरार हो चुका था. बीजेपी नेता डॉ. तरुण आदक ने इस मामले में स्थानीय फाड़ी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है. इलाके के आक्रोशित लोगों ने प्रशासन को अल्टीमेटम दिया है कि यदि शुक्रवार सुबह तक दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कड़ी कार्रवाई नहीं की गई, तो वे कानून हाथ में लिए बिना उच्च अधिकारियों का घेराव करेंगे और बजबज की सड़कों पर चक्का जाम करेंगे.
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-भारत एक्सप्रेस
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