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कोरोना का खतरा कम करती है ये चीज, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा दावा, JN.1 वेरिएंट से होगा बचाव, BP भी करेगी कंट्रोल

Corona Update: कोविड के नए स्ट्रेन JN.1 ने दुनियाभर में एक बार फिर तहलका मचा दिया है. कोरोना के नए वेरिएंट को बेहद खतरनाक माना जा रहा है और देश में अब तक करीब 1000 मामले सामने आ चुके हैं. हालात को देखते हुए केंद्र सरकार एक्टिव हो गई है और सभी राज्यों को अलर्ट जारी कर दिया है. WHO ने इसे ‘वेरिएंट ऑफ कंसर्न’ बताया है. हालांकि अगर एहतियात बरती जाए, तो इसे वक्त रहते कंट्रोल किया जा सकता है. नए वेरिएंट का असर लोगों की इम्यूनिटी के अनुसार अलग-अलग तरीके से होता है. हालांकि जो लोग पहले से किसी संक्रमण या गंभीर बीमारी से जूझ रहे हैं, उन्हें विशेष सावधानी बरतनी चाहिए.

कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए वैज्ञानिक यह जानने की कोशिश में लगे हुए हैं कि कोरोना वायरस के जोखिम को कैसे कम किया जा सकता है. इस कड़ी में एक कदम आगे बढ़ते हुए ब्राज़ील में साओ पाउलो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं पता लगाया है कि अगर आप वेजिटेरियन डाइट ले रहे हैं, तो आप कोरोना की चपेट में आने के खतरे को 39 फीसदी तक कम कर सकते हैं.

मांस-मछली छोड़ दें

वैज्ञानिकों ने अपने डेटा का विश्लेषण किया और सुझाव दिया है कि मांस और पशु उत्पादों को सीमित करने या उनसे परहेज करने से SARS-CoV-2 वायरस के खिलाफ कुछ सुरक्षा मिल सकती है.

प्लांट बेस्ड डाइट से मिलेगा फायदा

शोधकर्ताओं ने माना है कि हमारा अध्ययन इस बात का सबूत देता है कि प्लांट बेस्ड खासकर वेजिटेरियन डाइट लेने वाले व्यक्तियों में फिजिकल एक्टिविटी, बीएमआई और पहले से मौजूद किसी विकार को ध्यान में रखने के बाद भी कोविड-19 का खतरा कम था.

कोरोना का जोखिम कम करने के लिए खाएं ये चीजें

वैज्ञानिकों ने अध्ययन में शामिल 702 प्रतिभागियों में से 278 लोगों को प्लांट बेस्ड डाइट लेने की सलाह दी. इस ग्रुप के लोग बाकी लोगों की तुलना में ज्यादा से ज्यादा सब्जियां, फलियां और मेवे खाते हैं, साथ ही बहुत कम कम या बिलकुल भी डेयरी या मांस उत्पाद नहीं खाते थे. इसका रिजल्ट यह हुआ कि नॉन-वेज खाने वाले आधे से ज्यादा लोग वायरस की चपेट में आ गए.

नॉन-वेज खाने वाले लोगों को समस्याएं

वैज्ञानिकों ने बताया कि जो लोग नॉन-वेज खा रहे थे उन्हें कोरोना के अलावा कई समस्याएं होने लगी थी. वो फिजिकल एक्टिविटी में शामिल नहीं हो पाते थे, उन्हें कई रोग होने लगे थे, और उनके मोटे होने की अधिक संभावना थी. कुल मिलाकर उन्हें वो सब समस्याएं हो रही थी, जो कोरोना के जोखिम को बढ़ाती हैं.

प्लांट बेस्ड डाइट के फायदे

शोध टीम का मानना है कि प्लांट बेस्ड डाइट में एंटीऑक्सिडेंट, फाइटोस्टेरॉल और पॉलीफेनोल्स जैसे जरूरी गुण होते हैं. इससे सिर्फ कोरोना का खतरा कम नहीं होता बल्कि दिल को स्वस्थ रखने, बीपी को कंट्रोल करने और इम्यूनिटी सिस्टम को मजबूत बनाकर संक्रमण के जोखिम को कम करने में भी मदद मिलती है.

कोरोना वायरस से बचने के अन्य उपाय

नए शोध के अनुसार, सार्वजनिक स्थानों पर मास्क पहनने और अच्छी स्वच्छता का पालन करने के साथ-साथ, आप अपनी डाइट में बदलाव कर सकते हैं. शोधकर्ताओं ने सलाह दी है कि कोरोना के जोखिम को कम करने के लिए बेहतर तरीका यह है कि आप प्लांट बेस्ड या वेजिटेरियन डाइट पर ही विचार करें.

 

निहारिका गुप्ता

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