सीएम अरविंद केजरीवाल (फाइल फोटो)
Delhi Ordinance: केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने विपक्ष से समर्थन मांगा है. इसी कड़ी में उन्होंने कांग्रेस को तीसरा मैसेज भेजा है. इससे पहले केजरीवाल ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से मिलने का समय मांगा था. बता दें कि इनदिनों मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल विपक्षी नेताओं से केंद्र के अध्यादेश के खिलाफ लगातार समर्थन की मांग कर रहे हैं.
बता दें कि इस बीच दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने तमिलनाडु के सीएम स्टालिन से मुलाकात की. स्टालिन से मिलने के बाद केजरीवाल ने कहा, ” मैं इस अलोकतांत्रिक अध्यादेश के खिलाफ हमारा समर्थन करने के लिए एमके स्टालिन जी का धन्यवाद करता हूं. ” उन्होंने कहा कि मैंने मल्लिकार्जुन खड़गे और राहुल गांधी से भी मिलने का समय मांगा है, लेकिन अभी उनकी तरफ से कोई जवाब नहीं आया है.
केजरीवाल ने कहा कि हमें उम्मीद है कि कांग्रेस भी इस अलोकतांत्रिक अध्यादेश के खिलाफ हमारा समर्थन करेगी. 2024 के लोकसभा चुनावों के लिए एक संयुक्त विपक्ष की चर्चा पर निर्धारित बैठक में काम किया जा सकता है.
यह भी पढ़ें: India-Nepal Ties: पीएम मोदी-प्रचंड की वार्ता में उर्जा व्यापार पर रहेगा जोर, कई समझौते पर हस्ताक्षर की संभावना
बता दें कि दिल्ली का बॉस कौन? इस मुद्दे पर केंद्र और दिल्ली सरकार के बीच ठनी हुई है. मामले में सुप्रीम कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए कहा था कि चुनी हुई सरकार को अधिकारियों के ट्रांसफर का पूरा अधिकार होगा, एलजी सरकार के फैसलों से बाध्य होंगे. लेकिन केंद्र का अध्यादेश इसके उलट है. सुप्रीम कोर्ट ने माना कि सेवाओं पर कानून बनाने की शक्ति दिल्ली की विधानसभा के पास होगा, इसके विपरीत अध्यादेश कहता है कि विधानसभा के पास सेवाओं पर कोई कानून बनाने की शक्ति नहीं है.
-भारत एक्सप्रेस
दिल्ली-लखनऊ राजनीतिक धुरी ने कैसे उत्तर प्रदेश को बीजेपी का सबसे मजबूत गढ़ बनाया? जानिए…
पूर्वांचल में महिला नेताओं की बढ़ती भूमिका में मिर्जापुर सांसद अनुप्रिया पटेल सुर्खियों में हैं.…
Bihar Crime News: बिहार के सुपौल में SH-91 रोड पर दिनदहाड़े युवक मोहम्मद जीशान खान…
एक बेटे का अपने पिता की दलित विरासत पर दावा केवल पारिवारिक कहानी नहीं, बल्कि…
दिल्ली हाई कोर्ट ने वर्चुअल सुनवाई के दौरान चलती कार से पेश होने वाले अधिवक्ता…
कैसे योगी आदित्यनाथ के सुशासन मॉडल ने कानून-व्यवस्था, निवेश, एक्सप्रेसवे, ओडीओपी (ODOP) और प्रशासनिक सुधारों…