Bhopal: आज 29 जुलाई को बाघ दिवस के मौके पर मध्य प्रदेश के सिर पर एक बार फिर ‘टाइगर स्टेट’ का ताज सजा है. इसके साथ ही पिछले कई वर्षों से मिला ‘टाइगर स्टेट’ का तमगा कायम है. बता दें कि वर्तमान में मध्य प्रदेश में टाइगर की संख्या बढ़कर 785 हो गई है. शनिवार को जारी हुई ‘स्टेटस आफ टाइगर को—प्रिडेटर्स एंड प्रे इन इंडिया 2022’ नामक रिपोर्ट में यह खुशखबरी मिली है.
हर साल बढ़ रही है बाघों की संख्या
रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2018 में मध्य प्रदेश में 526 बाघ थे, जो कि साल 2022 में बढ़कर 785 पहुंच चुके हैं. उत्तराखंड के नैनीताल जिले में स्थित जिम कार्बेट नेशनल पार्क में बाघों की संख्या पर आधारित ‘स्टेटस आफ टाइगर को—प्रिडेटर्स एंड प्रे इन इंडिया 2022’ रिपोर्ट जारी हुई है. इस समय देश में कुल 3167 टाइगर हैं, जिनमें से अकेले मध्य प्रदेश में 785 टाइगर विचरण कर रहे हैं.
आपको बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बेंगलुरू में बीते दिनों साल 2022 में हुई बाघों की गणना के आंकड़े जारी किए थे. तब कुल बाघों की संख्या बताई गई थी, लेकिन राज्यवार आंकड़े आज जारी हुए हैं. वर्ष 2018 में जारी किए बाघों के आंकड़े में मध्य प्रदेश में 526 बाघ थे. यह किसी राज्य में सबसे अधिक संख्या थी, तब मध्य प्रदेश को टाइगर स्टेट का तमगा मिला था.
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MP के CM शिवराज सिंह ने जताई खुशी
मध्य प्रदेश के सिर पर टाइगर स्टेट का तमगा सजने के बाद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रसन्नता व्यक्त की है. उन्होंने ट्वीट किया कि अत्यंत हर्ष की बात है कि हमारे प्रदेशवासियों के सहयोग और वन विभाग के अथक प्रयासों के फलस्वरूप, चार वर्षों में हमारे प्रदेश में जंगल के राजा बाघों की संख्या, 526 से बढ़कर 785 हो गई हैं. सीएम ने कहा कि मैं पूरे प्रदेश की जनता को वन एवं वन्यप्राणियों के संरक्षण में उनके सहयोग के लिए हृदय से धन्यवाद और बधाई देता हूं. आइये हम सब मिलकर अंतरराष्ट्रीय बाघ दिवस के अवसर पर भावी पीढ़ियों के लिए प्रकृति संरक्षण का पुनः संकल्प लें.
-भारत एक्सप्रेस
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