कांवड़ यात्री
वरुण शर्मा
Muzaffarnagar: उत्तर प्रदेश के मुजफ्फरनगर से बड़ी खबर सामने आ रही है. यहां कांवड़ यात्रा के इस महाकुंभ में मध्य प्रदेश के 109 युवा इस वर्ष की सबसे बड़ी डाक (मैराथन) कावड़ यात्रा कर रहे हैं जो कि गंगोत्री से जल उठाकर रामेश्वरम जा रहे हैं और मुजफ्फरनगर से होकर गुजरे हैं. 109 सदस्यों का यह दल उत्तराखंड के गंगोत्री से तमिलनाडु के रामेश्वरम तक लगभग 3000 किलोमीटर की कावड़ यात्रा कर रहे हैं. इनके इस बड़े काफिले में 4 बड़े ट्रक, 3 कार और 5 मोटरसाइकिल शामिल है. ये रामेश्वरम में जलाभिषेक करेंगे.
सबसे बड़ी कांवड़ यात्रा कर रहे मध्य प्रदेश के इन कावड़ यात्रियों ने बताया कि उनका उद्देश्य संपूर्ण भारत को हिंदू राष्ट्र घोषित करने और सनातन धर्म का प्रचार करना है. इसी उद्देश्य को लेकर सभी लोग अपनी दूसरी कावड़ यात्रा कर रहे हैं. इससे पहले इस दल ने उत्तराखंड के गंगोत्री से उज्जैन के महाकाल मंदिर में जलाभिषेक कर अपनी यात्रा की थी. इस वर्ष 109 लोगों का यह जत्था श्रवण मास के पहले दिन 4 जुलाई को उत्तराखंड के गंगोत्री से गंगा जल लेकर तमिलनाडु के रामेश्वरम जा रहे हैं.
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इनका कहना है कि हमारी कावड़ यात्रा निरंतर 24 घंटे चलती रहती है और लगभग 1 माह के अंदर उनकी कावड़ यात्रा रामेश्वरम पहुंच जाएगी. जहां यह सभी लोग रामेश्वरम शिवलिंग का जलाभिषेक कर अपनी यात्रा को संपूर्ण करेंगे. मध्य प्रदेश के इंदौर जनपद निवासी डाक कांवड़ यात्री नितिन चौहान, रामलाल पाटीदार और राजेश गोयल अपने सभी 109 सदस्यों के साथ इस कावड़ यात्रा को कर रहे हैं. इनका कहना है कि उन्हें 12 ज्योतिर्लिंग की डाक कावड़ यात्रा करनी है जो लगभग 12 वर्ष में पूर्ण होगी.
नितिन ने बताया कि, प्रतिवर्ष इन लोगों का समूह 1 ज्योतिर्लिंग की यात्रा करता है और उत्तराखंड के गंगोत्री से गंगा जल लेकर डाक कावड़ द्वारा यात्रा करते हैं. यह उनकी दूसरी कावड़ यात्रा है जो लगभग 3 हजार किलोमीटर की एक बड़ी कावड़ यात्रा है. इनका कहना है कि उत्तराखंड सरकार और यूपी सरकार ने कावड़ यात्रा के दौरान बहुत अच्छी व्यवस्था की हुई है. कहीं भी किसी प्रकार की कोई परेशानी या कठिनाई कावड़ यात्रियों को नहीं हो रही है. खासकर उत्तर प्रदेश में योगी सरकार ने कावड़ यात्रियों के लिए अच्छे प्रबंध किए हुए हैं. नितिन चौहान और राजेश गोयल ने जानकारी देते हुए बताया कि हम अपने वाहनों में खाने-पीने और बनाने की व्यवस्था साथ लेकर चलते हैं. ग्रुप का एक सदस्य भागकर डाक कावड़ लेकर चलता है. 1 किलोमीटर की यात्रा भागकर पूरी करने वाला ग्रुप का सदस्य दूसरे साथी को 1 किलोमीटर बाद गंगाजल दे देता है. इसी प्रकार ग्रुप के सभी 109 सदस्य बारी-बारी से गंगाजल लेकर पैदल भागते हैं.
-भारत एक्सप्रेस
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