दिल्ली में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनाव के लिए सभी दल अपने प्रत्याशियों के नाम की घोषणा कर रहे हैं. इसी क्रम में असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने दिल्ली दंगों के आरोपी ताहिर हुसैन को चुनावी मैदान में उतार दिया है.
AIMIM ने ताहिर हुसैन को मुस्तफाबाद विधानसभा सीट से अपना प्रत्याशी बनाया है. इसकी जानकारी खुद असदुद्दीन ओवैसी ने सोशल मीडिया के जरिए दी. मंगलवार को ताहिर हुसैन ने अपनी पत्नी और बेटे के साथ एआईएमआईएम चीफ ओवैसी से उनके घर पर मुलाकात की.
असदुद्दीन ओवैसी ने इस मुलाकात की फोटो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर शेयर करते हुए लिखा, ”एमसीडी पार्षद ताहिर हुसैन एआईएमआईएम में शामिल हो गए हैं और आगामी दिल्ली विधानसभा चुनाव में मुस्तफाबाद विधानसभा क्षेत्र से हमारे उम्मीदवार होंगे. उनके परिवार के सदस्य और समर्थक आज मुझसे मिले और पार्टी में शामिल हुए.”
उधर, ताहिर हुसैन को एआईएमआईएम द्वारा दिल्ली विधानसभा चुनाव के लिए टिकट देने पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी. भाजपा के राष्ट्रीय सचिव मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा कि ओवैसी ने मुस्तफाबाद से ताहिर हुसैन को अपनी पार्टी का उम्मीदवार बनाया है. यह वही ताहिर हुसैन है, जिसने यमुना पार में दंगे किए, बेकसूर लोगों को मारा, हिंदुओं के घरों को जलाया और आईबी के अधिकारी अंकित शर्मा का कत्ल किया.
ओवैसी ने एकदम स्पष्ट किया है कि ये उन लोगों को सम्मानित कर रहे हैं, जो हिंदुओं के घर जला रहे हैं, हिंदुओं को मार रहे हैं. यह बहुत ही स्पष्ट है कि उन लोगों को उत्साहित किया जा रहा है उन लोगों को इनाम दिया जा रहा है. ओवैसी के द्वारा ऐसे लोगों को विधायक और सांसद बनाया जाएगा. ये नफरत भरी राजनीति है. चुनाव आयोग को इस पर संज्ञान लेना चाहिए.
भाजपा नेता कपिल मिश्रा ने असदुद्दीन ओवैसी पर निशाना साधते हुए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा, ”ओवैसी का हाथ, अंकित शर्मा के हत्यारे के साथ,जिसके घर से बम मिले, पत्थर मिले, जिसने दिल्ली में सैकड़ों हिंदुओं को मारने की कोशिश की, जिसने आईबी ऑफिसर अंकित शर्मा की हत्या करवाई, ऐसे ताहिर हुसैन को चुनाव लड़वाना दिल्ली के हिंदुओं को चुनौती देने की कोशिश. ओवैसी ये याद रखना कि दिल्ली में अगर ताहिर हुसैन के नाम पर दोबारा दंगे करने की कोशिश की तो अंजाम तुम्हारी सात पीढ़ियां याद रखेंगी.”
ताहिर हुसैन फरवरी 2020 में दिल्ली में हुए दंगों का आरोपी है. वह आम आदमी पार्टी से निगम पार्षद का चुनाव भी जीत चुका है. हालांकि, दिल्ली दंगों में नाम आने के बाद पार्टी ने हुसैन को निलंबित कर दिया था.
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-भारत एक्सप्रेस
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