राज्यसभा सांसद एवं यूपी के पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ दिनेश शर्मा (Dr Dinesh Sharma) ने कहा कि पीएम धन धान्य योजना एवं दलहन आत्मनिर्भरता मिशन किसान के जीवन को खुशहाल बना देगा. उनकी आमदनी कई गुना बढ सकेगी. ये आत्मनिर्भरता के जरिए विकसित भारत के संकल्प को अमलीजामा पहनाने में मील का पत्थर साबित होंगी. सरकार का प्रयास है कि किसान को गांव में ही शहरों के जैसी सुविधाएं मिलें. कृषि क्षेत्र में विविधीकरण को अपनाकर किसान अपनी आमदनी को बढा सकेगा. सरकार का प्रयास है कि किसान परम्परागत खेती के साथ ही खेती के नए विकल्प पर भी काम करें. ये उसकी आमदनी को स्थायी बनाने में भी मददगार होगी.
राष्ट्रीय मत्स्य अनुवांशिक संसाधन ब्यूरो, तेलीबाग में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा 42,000 करोड़ की कृषि परियोजनाओं के उद्घाटन एवं शिलान्यास कार्यक्रम में वर्चुअली सम्मिलित होने से पूर्व मत्स्य विभाग के विशाल प्रांगण में भारी संख्या में आए किसानों को संबोधित करते हुए सांसद ने कहा कि कृषि क्षेत्र में आज से क्रान्तिकारी परिर्वतनों का दौर शुरु होने जा रहा है, क्योंकि प्रधानमंत्री 42 हजार करोड की योजनाओं की सौगात दे रहे हैं.
इसमें 24 हजार करोड़ की प्रधानमंत्री धन धान्य योजना शामिल है, जो देश के 100 जिलों में खेती को नया आयाम प्रदान करेगी. इसके तहत हर किसान को आसान कर्ज और भंडारण की सुविधा के साथ ही हर खेत तक सिंचाई की सुविधा भी सुनिश्चित की जाएगी. खेती से जुडी हर योजना के किसान तक पहुचने से खेती की कायापलट होना तय है.
सांसद ने कहा कि अब खेत की सिचाई के लिए किसान को काले मेघा पानी दे नहीं कहना पड़ेगा क्योंकि मोदी सरकार खेत तक पानी भी पहुंचा रही है. पिछले 11 साल में किसान के लिए मोदी सरकार ने हर चीज बदल दी है. गांव का खडंजा अब सड़क में बदला है और लालटेन की जगह लाइट जगमगाती है. हर गांव में बिजली पहुच चुकी है. ये बदलाव किसान को सम्पन्नता की ओर ले जा रहा है.
सांसद डॉ दिनेश शर्मा ने कहा कि आज से ही सरकार दलहन उत्पादन के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता के लिए 11,440 करोड़ रुपए की लागत से मिशन आरंभ कर रही है. इसके तहत दलहन का उत्पादन बढ़ाने के लिए कार्य आरंभ होगा. मिशन के तहत किसान को दलहनी फसलों के उन्नत बीज की उपलब्धता होगी एवं केन्द्रीय एजेन्सी द्वारा पंजीकृत किसान से एमएसपी पर उसकी फसल की शत प्रतिशत खरीद की जाएगी. कृषि क्षेत्र के विकास को और गति देने के लिए आज तमाम अन्य योजनाए भी आरंभ हो रही हैं. ये योजनाए देश को कृषि क्षेत्र में आत्मनिर्भरता की ओर लेकर जाएंगी.
मोदी सरकार के 11 साल को युग परिवर्तन का समय बताते हुए उन्होंने कहा कि पत्र के दौर से निकल कर देश के गांव भी अब एसएमएस और व्हाटसऐप संदेश के दौर में पहुंच गए हैं. किसान का जीवन भी बदल गया है. डिजिटल इंडिया में देश के गांव और किसान भी तरक्की कर रहे हैं. किसान से जैविक खेती को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि ये विधि आमदनी को बढाने के साथ ही भविष्य के लिए वरदान साबित होगी.
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने देश की कमान संभालने के बाद से लगातार यह प्रयत्न किया है कि समाज में गैर बराबरी को दूर किया जाए और सबसे निचले तबके का व्यक्ति भी हर तरह से सम्पन्न होकर सम्मानजनक जीवनयापन कर सके. इसके लिए प्रधानमंत्री आवास से लेकर, आयुष्मान कार्ड के जरिए 5 लाख तक के इलाज की व्यवस्था, खेती के छोटे मोटे खर्च के लिए किसान सम्मान निधि, शौचालय की हर घर में व्यवस्था, गरीब को गैस सिलेन्डर की व्यवस्था तक सरकार कर रही है. किसान को आज परेशान होने की जरूरत नहीं है.
सिंचाई से लेकर खाद बीज सभी सरकार उपलब्ध करा रही है. अब तो खेती के लिए प्रयोग होने वाले ट्रैक्टर के दाम भी जीएसटी घटाकर कम कर दिए गए हैं. किसान की आमदनी को बढ़ाने के लिए भी पूरी प्रतिबद्धता से कार्य हो रहा है. उन्नत किस्म की फसलों के उत्पादन पर जोर के साथ ही कृषि क्षेत्र के विविधीकरण पर भी जोर दिया जा रहा है.
सांसद ने कहा कि देश के पीएम लाल बहादुर शास्त्री ने जय जवान जय किसान का नारा दिया था जिसे पूर्व पीएम अटल जी ने जय जवान जय किसान जय विज्ञान कर दिया था. पीएम मोदी ने जय जवान जय किसान जय विज्ञान में जय अनुसंधान भी जोड़ दिया है ताकि खेती के क्षेत्र में शोध करके बेहतरीन किस्मों का विकास किया जाए जिससे उत्पादन बढे.
प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी के सरलीकरण से लोगों के खरीदने की क्षमता को बढा दिया है. बाजार में खरीद बढने से मांग बढेगी जो उत्पादन को बढाएगी. ये अर्थव्यवस्था के लिए बूस्टर की तरह है. आज देश में 12 लाख तक की आमदनी टैक्स फ्री है. ये पहल हर नागरिक को लाभ दे रहे हैं. कांग्रेस के समय में सरकार अगर सौ रूपए भेजती थी तो 15 रुपए ही किसान तक पहुचते थे पर आज पीएम मोदी ने जन धन खाते के जरिए ऐसी व्यवस्था की है कि पूरा पैसा किसान तक पहुच जाता है.
आज किसान को भी कही लाइन नहीं लगानी है. उसकी फसल तक के बीमे की व्यवस्था है और फसल खराब होने पर क्षतिपूर्ति की राशि खाते में आ रही है. कही पर कोई घोटाला नहीं है. इस अवसर पर मत्स्य विभाग के निदेशक डॉ काजल चक्रवर्ती जी, विभागाध्यक्ष डॉo पर्वत कुमार प्रधान जी, डॉo राजीव कुमार सिंह जी, डॉo रविंद्र कुमार जी, डॉo शरद कुमार सिंह जी एवं डॉo अमित सिंह बिष्ट जी आदि उपस्थित रहे.
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-भारत एक्सप्रेस
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