देश

‘3 दिन की भूख-प्यास और 72 वफादार साथी…’ मुहर्रम पर इमाम हुसैन के बलिदान को याद कर क्या बोले पीएम मोदी?

आज पूरे देश और दुनिया भर में मुहर्रम का पवित्र और बेहद भावुक दिन मनाया जा रहा है. इसी खास मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हजरत इमाम हुसैन की महान शहादत को याद करते हुए उन्हें सत्य, न्याय, साहस और अटूट विश्वास का सबसे बड़ा प्रतीक (PM Modi Muharram Message) बताया है. पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बेहद कड़क पोस्ट साझा करते हुए कहा कि इमाम हुसैन का सर्वोच्च बलिदान आज भी करोड़ों-अरबों लोगों को अत्याचार के खिलाफ और सच्चाई के रास्ते पर डटे रहने की सबसे बड़ी प्रेरणा देता है.

कर्बला का वो सच, जिसने बदल दिया इंसानियत का इतिहास

दरअसल हजरत इमाम हुसैन, पैगंबर हजरत मुहम्मद साहब के नवासे (दोहिते) और हजरत अली व हजरत फातिमा के छोटे पुत्र थे. इतिहास के पन्नों को पलटें तो 61 हिजरी यानी 680 ईस्वी में कर्बला के तपते हुए मैदान में सत्य, न्याय और इंसानियत की रक्षा के लिए उन्होंने जो जंग लड़ी, उसने दुनिया को हिलाकर रख दिया था. इमाम हुसैन ने उस वक्त के बेहद क्रूर और अत्याचारी शासक यजीद के सामने झुकने और उसकी नाजायज सत्ता को स्वीकार करने से साफ इनकार कर दिया था, जिसके बाद यह ऐतिहासिक महा-संग्राम शुरू हुआ था.

72 जांबाज साथियों की अमर दास्तान(PM Modi Muharram Message)

बता दें कि मुहर्रम का यह दिन उस रूह कंपा देने वाले मंजर की याद दिलाता है जब कर्बला के युद्ध में इमाम हुसैन ने अपने छोटे से परिवार और सिर्फ 72 वफादार साथियों के साथ यजीद की विशाल फौज का सामना किया था. दुश्मनों ने उनका पानी तक बंद कर दिया था, लेकिन तीन दिन तक भूखे-प्यासे रहकर भी उन्होंने और उनके साथियों ने अन्याय के आगे सिर नहीं झुकाया और हंसते-हंसते शहादत स्वीकार कर ली. इसी अमर बलिदान की याद में आज मुहर्रम के दिन पूरी दुनिया में उन्हें याद कर लोग भावुक हो रहे हैं.

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पूरी मानवता के लिए अमर संदेश

प्रधानमंत्री मोदी ने साफ शब्दों (PM Modi Muharram Message) में कहा कि हजरत इमाम हुसैन की शहादत साहस, दृढ़ संकल्प और अटूट विश्वास की कभी न मिटने वाली अमर शक्ति की याद दिलाती है. यह ऐतिहासिक शहादत आज भी पूरी दुनिया में अत्याचार और तानाशाही के खिलाफ डटकर खड़े होने का सबसे बुलंद हौसला है. यही वजह है कि सदियों बाद भी उनका यह बलिदान केवल मुस्लिम समुदाय ही नहीं बल्कि पूरी मानवता के लिए सच्चाई और इंसानियत की रक्षा का सबसे बड़ा और अमर संदेश देता है.

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-भारत एक्सप्रेस

Rohit Agrawal

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