बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने आज (गुरुवार) को कहा कि राज्य में भ्रष्टाचार और अपराध को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ लोग अपराधियों को भी जाति और धर्म के चश्मे से देखने लगते हैं, जबकि अपराध करने वाले की कोई जाति या धर्म नहीं होता है. मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर सत्ता में बैठे लोग जाति और धर्म की राजनीति में ही उलझे रहेंगे, तो देश और राज्य का विकास कभी संभव नहीं होगा.
पटना में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने कहा कि बिहार सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता राज्य के लोगों की सुरक्षा है. उन्होंने दावा किया कि अपराध करने वालों को 48 घंटे के भीतर जवाब दिया जा रहा है और कानून अपना काम तेजी से कर रहा है. मुख्यमंत्री का यह बयान ऐसे समय आया है जब राज्य में कानून-व्यवस्था को लेकर लगातार राजनीतिक बयानबाजी हो रही है.
दरअसल, यह पूरा कार्यक्रम वीर विनायक दामोदर सावरकर की जयंती के मौके पर आयोजित किया गया था. बिहार विधान परिषद के उप भवन सभागार में सावरकर की जीवनी पर आधारित पुस्तक ‘वीर सावरकर की जीवनी’ का लोकार्पण किया गया. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सावरकर के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि भी दी.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सम्राट चौधरी ने कहा कि यह कहना गलत होगा कि वीर सावरकर गुमनाम रहे. उन्होंने कहा कि आज देश का बच्चा-बच्चा सावरकर के व्यक्तित्व, राष्ट्रभक्ति और स्वतंत्रता आंदोलन में उनके योगदान को जानता है. हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अंग्रेजों और कुछ इतिहासकारों ने कई स्वतंत्रता सेनानियों को इतिहास में उचित स्थान देने की कोशिश नहीं की.
मुख्यमंत्री ने भाजपा की विचारधारा का जिक्र करते हुए कहा कि उनकी पार्टी के लिए सबसे पहले राष्ट्र है, उसके बाद पार्टी और फिर व्यक्ति. उन्होंने कहा कि जिस राजनीतिक सोच में “नेशन फर्स्ट” की भावना होगी, वहां सावरकर जैसे लोगों को हमेशा सम्मान मिलेगा.
सम्राट चौधरी ने यह भी घोषणा की कि बिहार में वीर सावरकर पर रिसर्च की रूपरेखा तैयार की जाएगी ताकि राज्य के युवा उनके विचारों और संघर्षों से प्रेरणा ले सकें. उन्होंने कहा कि बिहार को समृद्ध बनाने के लिए राष्ट्रवाद और शिक्षा दोनों जरूरी हैं. इसी सोच के तहत राज्य में सरस्वती विद्या निकेतन जैसे मॉडल स्कूल विकसित किए जाएंगे, जहां बच्चे बड़े कॉन्वेंट स्कूलों की बजाय पढ़ाई करना पसंद करेंगे.
मुख्यमंत्री ने बिहार को ‘ज्ञान की धरती’ बताते हुए कहा कि राज्य का विकास शिक्षा और ज्ञान से ही संभव है. उन्होंने भ्रष्टाचार और गलत तरीके से पैसा कमाने वालों पर भी सख्त टिप्पणी की. उन्होंने कहा कि जो लोग शॉर्टकट से आगे बढ़ने की कोशिश करते हैं, उन्हें आखिरकार बेऊर जेल जाना पड़ता है. अदालतों के चक्कर काटना पड़ते हैं और कानून से बचना आसान नहीं है. उन्होंने दो टूक कहा कि भ्रष्टाचार करने वालों के लिए बेऊर जेल का दरवाजा हमेशा खुला है.
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने रोजगार और स्थानीय युवाओं के मुद्दे को भी उठाया. उन्होंने कहा कि बिहार सरकार लगातार प्रयास कर रही है कि जो युवा नौकरी और रोजगार के लिए दूसरे राज्यों में गए हैं, उन्हें वापस बिहार लाकर यहीं अवसर उपलब्ध कराए जाएं. इसके साथ ही उन्होंने यह भी बताया कि अब 50 करोड़ रुपये तक के सरकारी कॉन्ट्रैक्ट बिहार के लोगों को ही दिए जाएंगे ताकि राज्य का पैसा राज्य के भीतर ही रहे और स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत हो सके.
मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि वीर सावरकर सिर्फ एक व्यक्ति नहीं, बल्कि राष्ट्रवाद के प्रतीक हैं. उनके आदर्शों को बिहार की धरती पर उतारने का प्रयास किया जाएगा ताकि आने वाली पीढ़ी राष्ट्र निर्माण की दिशा में आगे बढ़ सके.
यह भी पढ़ें: BJP का मेगा फेरबदल: दिल्ली, पंजाब समेत 4 राज्यों को मिले नए प्रदेश अध्यक्ष, देखें पूरी लिस्ट
Also Follow Bharat Express on Youtube
-भारत एक्सप्रेस
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने दिवाली के मौके पर पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद और उनके परिवार…
पूर्व उप प्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी ने अपने जीवन के 100वें वर्ष में प्रवेश किया. इस…
दिवाली के मौके पर काशी में मुस्लिम महिलाओं ने भगवान राम और माता सीता की…
U19 Asia Cup 2026 में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ 3 विकेट से हार मिली.…
Siddharthnagar Golgappa Food Poisoning: यूपी के सिद्धार्थनगर में दिवाली के दौरान गोलगप्पे खाने से 150…
Diwali 2026: दिवाली की रात मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए श्री सूक्त, कनकधारा…