देश

स्किल इंडिया डिजिटल हब बदल रहा वरिष्ठ नागरिकों की किस्मत, एआई से लेकर डेटा के सीख रहे गुर

कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (Ministry of Skill Development and Entrepreneurship) की ओर से शुरू की गई पहल – स्किल इंडिया डिजिटल हब (SIDH) ने 32 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (505 जिलों में) में 4,799 वरिष्ठ शिक्षार्थियों को नामांकित किया है और उन्हें ML, AI और बड़े डेटा में पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है. यह जानकारी राष्ट्रीय कौशल विकास निगम के सीईओ और एनएसडीसी इंटरनेशनल के एमडी वेद मणि तिवारी ने दी.

वेद मणि तिवारी ने कहा , “एसआईडीएच ने वरिष्ठ नागरिकों (50 वर्ष से अधिक आयु के) को इंडस्ट्री 4.0 पाठ्यक्रम प्रदान करना शुरू कर दिया है, और हमने देखा है कि वेब डिज़ाइन, साइबर सुरक्षा और किसान ड्रोन संचालन उनके बीच लोकप्रिय हो रहे हैं.भविष्य के लिए तैयार भारत बनाने के लिए आजीवन सीखना आवश्यक है , और यहां तीन प्रेरणादायक कहानियाँ हैं.”

पार्थ बरुआ

51 वर्षीय पार्थ बरुआ एक खेत के मालिक हैं और असम के जोरहाट में एक ट्रैवल एजेंसी चलाते हैं. उन्होंने किसान ड्रोन ऑपरेटर कोर्स में दाखिला लिया और न केवल उन्होंने अपनी खेती के तरीकों को आधुनिक बनाया है, बल्कि असम की प्राकृतिक सुंदरता को भी कैमरे में कैद किया है, जिससे उनकी ट्रैवल एजेंसी को बढ़ावा मिला है.

प्रफुल्ल रावत

55 वर्षीय प्रफुल्ल रावत एक फील्ड टेक्नीशियन हैं और आईटीआई झुंझुनू, राजस्थान में प्रशिक्षक भी हैं, जिन्होंने अपने कौशल को बेहतर बनाने और अपने छात्रों की मदद करने के लिए SIDH के रोजगार कौशल और उद्यमिता कौशल पाठ्यक्रमों में भाग लिया, लेकिन उन्हें उम्मीद है कि यह मंच कई भारतीय भाषाओं, विशेष रूप से हिंदी में और अधिक पाठ्यक्रमों की मेजबानी करेगा, ताकि वंचित क्षेत्रों से अधिक से अधिक छात्र नामांकित हो सकें.

संजीव निगम

वेद मणि ने बताया, “नई दिल्ली के अशोक विहार के रहने वाले 54 वर्षीय वरिष्ठ शिक्षक निगम ने खुद को गूगल क्लाउड जेनरेटिव एआई कोर्स में नामांकित किया है और अब वे छात्रों को एआई की बारीकियों को समझने में मदद कर रहे हैं.” हालांकि, उन्होंने कहा कि एसआईडीएच के पास विशेष रूप से शिक्षकों के लिए एक मंच होना चाहिए,जहां हम विशिष्ट विषयों को पढ़ाने के लिए तैयार पाठ्यक्रम पा सकें.

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वेद मणि तिवारी ने कहा कि हालांकि अभी एक लंबा रास्ता तय करना है, लेकिन 13 सितंबर, 2023 को लॉन्च किया गया एसआईडीएच एक साल के भीतर वरिष्ठ नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन बन गया है, और करियर में उन्नति और निरंतर सीखने की चाह रखने वालों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन गया है.

-भारत एक्सप्रेस

Shailendra Verma

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