सुप्रीम कोर्ट.
सुप्रीम कोर्ट ने किसानों की मांग और शिकायतों को लेकर पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के रिटायर्ड जज जस्टिस नवाब सिंह की अध्यक्षता में पांच सदस्यीय कमेटी का गठन किया है. कोर्ट ने कमेटी से एक सप्ताह में बैठक कर किसानों से बातचीत करने को कहा है. कोर्ट ने कमेटी से कहा कि तुरंत शंभू बॉर्डर जाएं और उसे खुलवाने के लिए किसानों से बातचीत करें.
वहीं कोर्ट ने किसानों से कहा है कि वह इस मुद्दे को लेकर राजनीति ना करें और गैरवाजिब मांग न करें. जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस उज्ज्वल भुइया की पीठ इस मामले में सुनवाई कर रही है. कोर्ट ने यह भी कहा कि हाई पावर कमेटी को प्रदर्शनकारी किसानों से जाकर मिलना चाहिए. कोर्ट ने उम्मीद जताई है कि जब किसानों की परेशानी को सही ढंग से सुना जाएगा तो वह भी कमेटी की बात सुनेंगे.
कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि पंजाब और हरियाणा द्वारा सुझाये गए सभी नाम विशिष्ट क्षेत्र में प्रतिष्ठित और ईमानदार लोग हैं. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि दोनों राज्यों में किसानों की एक बड़ी आबादी रहती है. यह गरीबी रेखा से नीचे रहती है और सहानुभूति के पात्र हैं. सुप्रीम कोर्ट ने यह समिति हरियाणा सरकार की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद गठित किया है.
हरियाणा सरकार ने पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है. जिसमें हाई कोर्ट ने हरियाणा सरकार से अंबाला के पास शंभू सीमा पर लगाए गए बैरिकेड्स को एक सप्ताह के भीतर हटाने को कहा था. प्रदर्शनकारी किसान 13 फरवरी से अपनी मांगों को लेकर डेरा डाले हुए हैं.
पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आप सरकार हैं और आपको किसानों से बात करनी चाहिए. वह दिल्ली आना चाहते हैं, क्यों? एसजी ने कहा था कि उनका दिल्ली में स्वागत है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि आपका कोई मंत्री गया है बात करने के लिए? स्थिति सुधारने के लिये कोई कदम उठाया गया है?
-भारत एक्सप्रेस
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