मुस्लिम महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश को लेकर दायर याचिका पर ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने सुप्रीम कोर्ट में हलफनामा दायर किया है, जिसमें बोर्ड ने कहा है कि, महिलाओं को मस्जिद में जाकर नमाज अदा करने की इजाज़त पहले से ही है. इस्लाम में महिलाओं के लिए ये जरूरी नहीं किया है कि वो दिन में पांच वक्त की नमाज़ जमात यानि समूह में एक साथ पढ़ें या जुमे की नमाज़ जमात के साथ अदा करें.
हालांकि ये मुस्लिम पुरुषों के लिए जरूरी होता है. इस्लाम के मुताबिक, मुस्लिम महिलाएं चाहे घर पर नमाज़ पढ़ें या मस्जिद में नमाज़ अदा करें, उन्हें एक जैसा ही सवाब मिलेगा. बोर्ड ने हलफनामे में कहा कि मुस्लिम महिला नमाज अदा करने के लिए मस्जिद में दाखिल होने के लिए स्वतंत्र हैं और ये उनपर निर्भर करता है कि वो मस्जिद में नमाज़ अदा करने के अपने अधिकार का इस्तेमाल करना चाहती हैं या नहीं.
ये भी पढ़ें- Supreme Court: अडानी ग्रुप पर ‘हिंडनबर्ग’ की रिपोर्ट की जांच होगी या नहीं ? 10 फरवरी को सुप्रीम कोर्ट लेगा फैसला
आपकों बता दें, फरहा अनवर हुसैन शेख ने 2020 में सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर भारत में मुस्लिम महिलाओं के मस्जिदों में प्रवेश पर लगी कथित रोक को अवैध और असंवैधानिक बताया था. और उसे हटाने की मांग की थी.
हफलनामे में कहा गया है कि AIMPLB विशेषज्ञों की संस्था है और इसके पास कोई शक्ति नहीं है और यह सिर्फ इस्लाम के सिद्धांतों पर अपनी सलाह जारी कर सकती है. हलफनामे में कहा गया है कि धार्मिक ग्रंथों, सिद्धांतों, इस्लाम के मानने वालों के धार्मिक विश्वासों पर विचार करते हुए यह दलील दी जाती है कि महिलाओं को मस्जिद में प्रवेश कर नमाज़ अदा करने की इजाज़त है. AIMPLB इस बाबत किसी विपरीत धार्मिक मत पर कोई टिप्पणी नहीं करना चाहता.
दिल्ली के श्रीराम सेंटर में ‘अमर बलिदान’ नाटक का मंचन हुआ. गुरु तेग बहादुर जी…
Gyanesh Kumar removal impeachment: CEC ज्ञानेश कुमार को हटाने के लिए INDIA ब्लॉक फिर नया…
S Jaishankar UN Speech: संयुक्त राष्ट्र महासभा में भारतीय विदेश मंत्री एस जयशंकर ने यूएन…
पीएम मोदी ने वाराणसी से वडनगर जा रही सेवा यात्रा के युवाओं से बातचीत की.…
रक्षा मंत्रालय ने भारतीय वायुसेना के लिए 160 SAT-SAAW ग्लाइड बम खरीदने के लिए ₹811…
Cheapest Petrol In World: दुनिया में पेट्रोल की कीमतें अलग-अलग हैं. वेनेजुएला और ईरान जैसे…