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AIMPLB

ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने केंद्र सरकार के वक्फ उम्मीद पोर्टल के लॉन्च पर सुप्रीम कोर्ट में जल्द सुनवाई की मांग की. बोर्ड ने इसे अवैध और संविधान विरोधी बताया, जबकि वक्फ संशोधन अधिनियम 2025 पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में विचाराधीन है.

इस प्रदर्शन में JPC के विपक्षी सदस्य भी शामिल होंगे. AIMPLB के प्रवक्ता इलियास ने कहा कि इन विरोध प्रदर्शनों का उद्देश्य भाजपा के गठबंधन सहयोगियों को यह स्पष्ट संदेश देना है कि उन्हें या तो विधेयक के लिए समर्थन वापस ले लेना चाहिए या हमारा समर्थन खोने का जोखिम उठाने के लिए तैयार रहना चाहिए.

कमाल फारुकी ने कहा, यूनिफॉर्म सिविल कोड संविधान का हिस्सा नहीं है, इसलिए ये हमें स्वीकार नहीं है. संविधान हमें अपने धर्म का अनुसरण करने की पूरी आजादी देता है.

समान नागरिकता संहिता के लिए लॉ कमिशन ने सिर्फ सुझाव मांगी है लेकिन विरोध अभी से शुरू हो गया है. खरगोन के मुस्लिम इलाके में UCC के विरोध में पोस्टर लगाए गए हैं. पोस्टर में लोगों से विरोध में वोट करने की अपील की है.

Lucknow: शनिवार को मध्य प्रदेश के इंदौर में चली दो दिवसीय बैठक के बाद सैफुल्लाह रहमानी को यह पदभार सौंपा गया है.

सुप्रीम कोर्ट दाखिल हलफनामे में कहा गया है कि इस्लाम ने महिलाओं के लिए यह जरूरी नहीं किया है कि वे दिन में पांच वक्त की नमाज जमात (सामूहिक) के साथ पढ़ें या जुमे (शुक्रवार) की नमाज जमात के साथ अदा करें. हालांकि यह मुस्लिम पुरुषों के लिए जरूरी है.