लीगल

‘हर अपमान एससी-एसटी एक्ट का अपराध नहीं’, फिरोजाबाद मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हटाईं धाराएं

उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद जिले से जुड़े एक मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक बेहद अहम फैसला सुनाया है. अदालत ने साफ किया है कि किसी भी तरह का अपमान या धमकी सीधे तौर पर एससी-एसटी (SC/ST) एक्ट के दायरे में नहीं आती है. यह कानून तभी लागू होता है जब पीड़ित को उसकी जाति की वजह से विशेष रूप से अपमानित किया गया हो. इस टिप्पणी के साथ ही हाईकोर्ट ने आरोपी भूरी सिंह को एससी-एसटी एक्ट के आरोपों से पूरी तरह मुक्त कर दिया है, हालांकि अन्य धाराओं के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही जारी रहेगी.

क्या था पूरा मामला?

यह पूरा मामला फिरोजाबाद जिले के टूंडला थाने का है. आरोप लगाया गया था कि भूरी सिंह ने प्रशांत कुमार पर हमला किया और शिकायतकर्ता के साथ जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया. विशेष न्यायाधीश फिरोजाबाद ने इस मामले में 5 फरवरी 2026 को समन आदेश जारी किया था, जिसे चुनौती देते हुए भूरी सिंह ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

याची पक्ष के वकील ने कोर्ट को बताया कि पुरानी रंजिश के चलते उनके मुवक्किल को इस मामले में झूठा फंसाया गया है. शुरुआती एफआईआर और पुलिस बयानों में जातिसूचक गालियों का कोई जिक्र नहीं था, बल्कि बाद में मजिस्ट्रेट के सामने दिए गए बयानों में इसे जोड़ा गया. इसके अलावा घटना के समर्थन में कोई भी स्वतंत्र गवाह नहीं था और आरोपी का कोई पुराना आपराधिक इतिहास भी नहीं रहा है. वहीं, सरकारी वकील का तर्क था कि एफआईआर में आरोप स्पष्ट हैं और ऐसे तथ्यों पर विवादित सवालों की जांच इस चरण में नहीं की जा सकती.

कोर्ट ने स्पष्ट की कानून की मंशा

मामले की सुनवाई करते हुए न्यायमूर्ति संतोष राय की एकल पीठ ने कहा कि दस्तावेजों और गवाहों के बयानों से यह तो साबित होता है कि प्रशांत कुमार पर हमला हुआ था (विवाद की वजह कुत्ते पर पत्थर फेंकना था), लेकिन किसी भी बयान से यह नहीं झलकता कि हमलावर की मंशा पीड़ित को उसकी जाति के आधार पर अपमानित करने की थी. अदालत ने यह भी कहा कि घटना के ‘सार्वजनिक दृष्टि’ में होने के पुख्ता सबूत नहीं हैं, जो इस एक्ट के लिए एक जरूरी शर्त है.

अंत में हाईकोर्ट ने माना कि सिर्फ मारपीट के मामलों में एससी-एसटी एक्ट की धाराएं जोड़ देना कानून की प्रक्रिया का दुरुपयोग है. इसलिए कोर्ट ने इन धाराओं को हटाते हुए अन्य मारपीट के आरोपों के तहत केस चलाने का आदेश दिया है.

यह भी पढ़ें: टेरर फंडिंग मामले में खुर्रम परवेज को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की NIA की याचिका

-भारत एक्सप्रेस

Vaibhav Gupta

Recent Posts

फूल तोड़ते समय फिसला मासूम का पैर, बचाने में पिता की भी गई जान

ग्रेटर नोएडा की महागुन माइवुड्स सोसाइटी में 23वीं मंजिल से गिरकर पिता और 11 साल…

1 hour ago

हिन्दी फिल्म संगीत के सुनहरे इतिहास को समझने का मौका देती है पंकज राग की किताब ‘धुनों की यात्रा’

हिन्दी फिल्म संगीत का इतिहास सिर्फ लोकप्रिय गीतों और मशहूर संगीतकारों की कहानी नहीं है,…

2 hours ago

क्या कंगना रनौत ने PM Modi के लिए रखा करवा चौथ का व्रत? जानें वायरल क्लिप का सच

सोशल मीडिया पर बॉलीवुड एक्ट्रेस और बीजेपी सांसद कंगना रनौत का एक क्लिप तेजी से…

3 hours ago

टेरर फंडिंग मामले में खुर्रम परवेज को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की NIA की याचिका

कथित टेरर फंडिंग मामले में कश्मीरी एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत…

4 hours ago

Reliance Jio का टेलीकॉम सेक्टर में दबदबा: एयरटेल से 10 गुना ज्यादा रेगुलर मोबाइल यूजर्स जोड़े, एक्टिव सब्सक्राइबर्स भी बढ़े

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (TRAI) के ताजा आंकड़ों के अनुसार, सितंबर 2026 में रिलायंस जियो…

4 hours ago