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टेरर फंडिंग मामले में खुर्रम परवेज को राहत, सुप्रीम कोर्ट ने खारिज की NIA की याचिका

कथित टेरर फंडिंग मामले में कश्मीरी एक्टिविस्ट खुर्रम परवेज को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है. कोर्ट ने दिल्ली हाईकोर्ट से मिली उनकी जमानत को चुनौती देने वाली NIA की याचिका खारिज कर दी.

Terror Funding Khurram Parvez UAPA Case Supreme Court Rejects NIA Bail Cancellation Petition
Edited by Vaibhav Gupta

कथित टेरर फंडिंग और UAPA के मामले में घिरे कश्मीरी मानवाधिकार कार्यकर्ता खुर्रम परवेज को देश की शीर्ष अदालत से बहुत बड़ी कानूनी राहत मिली है. सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) की उस याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है, जिसमें दिल्ली हाईकोर्ट द्वारा खुर्रम को दी गई जमानत को रद्द करने की मांग की गई थी. जस्टिस एम. एम. सुंदरेश और जस्टिस पी. बी. वराले की पीठ ने दोनों पक्षों की दलीलें और लंबी जिरह सुनने के बाद एनआईए की अर्जी को निरस्त करने का फैसला सुनाया.

3 साल से अधिक समय से जेल में बंद थे खुर्रम

दिल्ली हाईकोर्ट ने खुर्रम परवेज की लंबे समय से जारी हिरासत और मामले के तथ्यों को देखते हुए कुछ सख्त शर्तों के साथ उन्हें जमानत दे दी थी. इससे पहले दिसंबर 2024 में निचली अदालत ने उनकी जमानत याचिका खारिज कर दी थी, जिसके खिलाफ खुर्रम ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था.

अदालत में सुनवाई के दौरान खुर्रम के वकील तनवीर अहमद मीर ने दलील दी थी कि उनके मुवक्किल 3 साल और 1 महीने से अधिक समय से लगातार हिरासत में हैं. वकील ने अदालत के सामने दावा किया कि एनआईए के पास खुर्रम के खिलाफ कोई पुख्ता सबूत, डिजिटल साक्ष्य या कॉल डिटेल रिकॉर्ड मौजूद नहीं हैं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि कथित साजिश या पैसों के किसी भी तरह के अवैध लेन-देन से खुर्रम परवेज का कोई लेना-देना नहीं है.

2021 में हुई थी पहली गिरफ्तारी

आपको बता दें कि एनआईए ने 21 नवंबर 2021 को खुर्रम के घर और दफ्तर पर छापेमारी की थी. इसके ठीक अगले दिन, 22 नवंबर 2021 को उन्हें यूएपीए के तहत गिरफ्तार कर लिया गया था. उन पर भारत सरकार के खिलाफ युद्ध छेड़ने और साजिश रचने जैसे कई गंभीर आरोप लगाए गए थे.

बाद में मार्च 2023 में टेरर फंडिंग से जुड़े एक अन्य मामले में भी उनकी दोबारा गिरफ्तारी दिखाई गई थी. इसी केस में ‘जेकेसीसीएस’ (JKCCS) से जुड़े स्वतंत्र पत्रकार इरफान मेहराज को भी पकड़ा गया था, जिसके बाद एनआईए ने 15 सितंबर 2023 को दोनों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की थी. अब सुप्रीम कोर्ट के इस रुख से एनआईए की मंशा को बड़ा झटका लगा है और खुर्रम की जमानत बरकरार रहेगी.

यह भी पढ़ें: भोपाल से दिल्ली ट्रांसफर होगा ट्विशा शर्मा सुसाइड केस? सीबीआई ने सौंपी रिपोर्ट

-भारत एक्सप्रेस



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