समय रैना
कॉमेडियन समय रैना को सुप्रीम कोर्ट ने दिव्यांगजनों के लिए महीने में दो शो करने का निर्देश दिया है. जिसका उद्देश्य ऐसे जरूरतमंद लोगों का सम्मान बढ़ाना और जागरूकता फैलाना होगा. समय रैना ने दिव्यांगजनों को लेकर अभद्र टिप्पणी की थी, जिसको लेकर सुप्रीम कोर्ट सुनवाई कर रहा है. कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी कहा कि यह रैना और बाकी कंटेंट क्रिएटर्स पर निर्भर है कि वे दिव्यांग व्यक्तियों को अपने कार्यक्रमों में शामिल होने के लिए राजी करें.
सीजेआई सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्या बागची की पीठ ने यह साफ कर दिया है कि समय रैना अपने मंच का उपयोग सम्मान को बढ़ावा देने, जागरूकता बढ़ाने और चिकित्सा देखभाल के लिए फंड्स जुटाने के लिए करें. कोर्ट चार सप्ताह बाद इस मामले में अगली सुनवाई करेगा. सीजेआई सूर्यकांत ने कहा कि हमें उम्मीद है कि मामले की अगली सुनवाई से पहले ऐसे कुछ यादगार इवेंट होंगे. यह एक सामाजिक बोझ है, जो हम आप पर डाल रहे है. सजा बोझ नही है. आप सभी समाज मे अच्छी जगह वाले लोग है.
कोर्ट ने एक एनजीओ की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद यह आदेश दिया हैं. मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कोर्ट को बताया कि सोशल मीडिया पर लगाम लगाने के लिए सरकार कानून लाने जा रही हैं. एनजीओ ने समय रैना पर स्टैंड-अप कॉमेडी शो में स्पाइनल मस्क्युलर अट्रॉफी से पीड़ित एक नेत्रहीन बच्चे का मजाक उड़ाने का आरोप लगाया था. मामले की सुनवाई के दौरान एनजीओ ने कोर्ट को बताया कि कैसे समय रैना ने स्टैंडअप कॉमेडी के दौरान सिर्फ 2 महीने के बच्चे का मजाक उड़ाया. उन्होंने कहा कि बच्चे के ईलाज के लिए 16 करोड़ रुपए का एक इंजेक्शन चाहिए. उन्होंने कहा कि पता नहीं इंजेक्शन देने के बाद भी वह बच पाएगा या नही. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि केवल सार्वजनिक मंच पर ही माफी मांगना पर्याप्त नहीं है. बल्कि सोशल मीडिया पर सभी माफी मांगे. कोर्ट ने कहा था कि हास्य या मनोरंजन के नाम पर किसी की भावनाओं का अपमान नही किया जा सकता है.
सुनवाई के दौरान समय रैना, निशांत, विपुल गोयल, और बलराज मलिक कोर्ट में मौजूद थे, वही सोनाली ठक्कर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट में पेश हुए थे. पिछली सुनवाई में याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकीलों ने कहा था कि उनके खिलाफ कोई सीधी याचिका दाखिल नही की गई है, तो कोर्ट ने साफ कहा था कि कोर्ट के समन को हल्के में नहीं लिया जा सकता, अगर-मगर की कोई जगह नहीं है.
मामले की सुनवाई के दौरान अटॉर्नी जनरल वेंक्टरमणी ने कोर्ट को बताया था कि दिशा निर्देश आने में अभी थोड़ा समय लगेगा. कोर्ट ने केंद्र सरकार से सोशल मीडिया पर विकलांगों, महिलाओं, बच्चों और वरिष्ठ नागरिकों का अपमान करने या उनका उपहास करने वाले भाषणों पर अंकुश लगाने के लिए दिशा निर्देश जारी करने को कहा है.
-भारत एक्सप्रेस
Delhi to Patna Vande Bharat Special Train: छठ पर्व पर यात्रियों की भीड़ को कम…
Diwali Weather Delhi: दिवाली पर दिल्ली-NCR में प्रदूषण का स्तर खतरनाक बना हुआ है. कई…
7100TH DIWALI 2026 LAKSHMI PUJA SPECIAL: इस वर्ष दीपावली 8 नवंबर 2026, रविवार को मनाई…
दीपावली पर मां लक्ष्मी के प्रसिद्ध मंदिरों में दर्शन से सुख-समृद्धि मिलती है. जानिए कोल्हापुर,…
Aaj Ka Panchang 8 November 2026: आज कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि और मृगशिरा नक्षत्र…
Aaj Ka Rashifal: आज दिवाली पर मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का दिन…