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IRCTC Scam: लालू परिवार ने बिहार चुनाव के चलते रोजाना सुनवाई टालने की मांग की, CBI कर रही विरोध

CBI vs Lalu Yadav Family: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव, उनकी पत्नी और पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी और बेटे तेजस्वी यादव ने आईआरसीटीसी घोटाला (IRCTC Scam) मामले में राऊज एवेन्यू कोर्ट में हो रही रोजाना सुनवाई पर आपत्ति जताई है. तीनों ने अदालत से आग्रह किया है कि बिहार में जारी चुनाव प्रचार में व्यस्तता को देखते हुए केस की सुनवाई को कुछ हफ्तों के लिए टाल दिया जाए.

लालू परिवार की ओर से वरिष्ठ वकील और पूर्व एडिशनल सॉलिसिटर जनरल मनिंदर सिंह ने कोर्ट को बताया कि पूरा परिवार चुनाव प्रचार में अत्यधिक व्यस्त है और बिहार में चुनावी माहौल काफी गर्म है. ऐसे में उनके लिए रोज कोर्ट में उपस्थित रहना या बचाव की तैयारी करना संभव नहीं हो पा रहा है. बचाव पक्ष ने कोर्ट से आग्रह किया कि केस की सुनवाई को कम से कम चार हफ्तों के लिए टाल दिया जाए, ताकि वे बचाव के लिए ठीक से तैयारी कर सकें. उन्होंने तर्क दिया कि रोजाना हो रही सुनवाई से बचाव पक्ष को कानूनी तैयारी में नुकसान हो सकता है.

चार्जशीट के अध्ययन के लिए मांगा पर्याप्त समय

वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) ने इस मामले में 18,000 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की है, जबकि कोर्ट ने 250 पेज का आदेश पारित किया है. इतने विस्तृत दस्तावेज़ों और आदेश का सही से अध्ययन करने और बचाव की रणनीति बनाने के लिए पर्याप्त समय चाहिए.

CBI ने किया Lalu Family  की मांग का विरोध

हालांकि, लालू परिवार की इस मांग का सीबीआई ने कड़ा विरोध किया है. सीबीआई की ओर से पेश वकील ने कोर्ट में तर्क दिया कि सांसदों और विधायकों से जुड़े मामलों में तेजी से ट्रायल चलाने का निर्देश पहले ही सुप्रीम कोर्ट दे चुका है. ऐसे में, महज चुनाव प्रचार में व्यस्तता का हवाला देकर सुनवाई में देरी करना न्याय के सिद्धांत के खिलाफ होगा.

क्या है IRCTC Scam मामला?

आईआरसीटीसी घोटाला (IRCTC Scam) मामला ‘जमीन के बदले नौकरी’ मामले से अलग है. यह घोटाला तब सामने आया था जब लालू प्रसाद यादव 2004 से 2009 के बीच रेल मंत्री थे. इस दौरान रेलवे बोर्ड ने रेलवे की कैटरिंग और होटलों की सेवा आईआरसीटीसी को सौंपी थी. आरोप है कि झारखंड के रांची और ओडिशा के पुरी में स्थित रेलवे के दो बीएनआर होटलों (रखरखाव, संचालन और विकास) के टेंडर जारी करने में भारी अनियमितताएं बरती गईं थीं. इस मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने 2017 में चार्जशीट दाखिल की थी, जिसमें लालू प्रसाद यादव, राबड़ी देवी, तेजस्वी यादव सहित 15 लोगों और कंपनियों को नामजद किया गया था. सीबीआई ने भी लालू, तेजस्वी सहित 13 लोगों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है, जिस पर कोर्ट संज्ञान लेकर सुनवाई कर रहा है.

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गोपाल कृष्ण

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