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आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 दिन के लिए ईडी रिमांड पर भेजा

प्रवर्तन निदेशालय (ED) का आरोप है कि कोयला तस्करी से जुड़े बड़े नेटवर्क में अवैध धन का लेन-देन हुआ है, जिसमें आई-पैक से जुड़ी संदिग्ध वित्तीय गतिविधियां शामिल हैं. ईडी का दावा है कि करीब 50 करोड़ रुपये की राशि मनी लॉन्ड्रिंग के जरिए घुमाई गई. इस मामले में दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु में छापेमारी भी की गई है. जांच अभी जारी है और कई राजनीतिक व वित्तीय कड़ियों की जांच हो रही है.

10 दिन के लिए ईडी रिमांड पर

पॉलिटिकल पार्टियों को रणनीतिक सलाह देने वाली कंपनी आई-पैक के सह-संस्थापक और निदेशक विनेश चंदेल को पटियाला हाउस कोर्ट ने 10 दिन के लिए ईडी रिमांड पर भेज दिया है. चंदेल को 13 अप्रैल को ईडी ने दिल्ली से गिरफ्तार किया था, जिसके बाद उनको पटियाला हाउस कोर्ट के अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश सुश्री शेफाली बरनाला टंडन की कोर्ट ने पेश किया गया. ईडी ने कोर्ट से विनेश चंदेल को रिमांड पर भेजने की मांग की. ईडी ने सुनवाई के दौरान कहा कि आरोपों से संबंधित जानकारी हासिल करनी है. इस मामले के तह तक जाना है. लिहाजा रिमांड पर भेजा जाए जिसके बाद कोर्ट ने 10 दिन के लिए रिमांड पर भेज दिया है.

ईडी को मनी लांड्रिंग का शक

विनेश चंदेल को ईडी ने पश्चिम बंगाल के कथित कोयला घोटाले से जुड़े मामले में गिरफ्तार किया है. ईडी के मुताबिक यह मामला सिर्फ कोयले की अवैध तस्करी तक सीमित नहीं है. बल्कि इसमें पैसों के लेन-देन का जाल काफी बड़ा है. विनेश चंदेल आई पैक कंपनी के फाउंडर, डायरेक्टर और 33 प्रतिशत हिस्सेदारी रखने वाले प्रमुख व्यक्ति है. ईडी का आरोप है कि कंपनी के जरिए करीब 50 करोड़ रुपए की संदिग्ध राशि को मनी लांड्रिंग के माध्यम से घुमाया गया है. आई पैक जिसे प्रतीक जैन ने स्थापित किया था, 2021 से तृणमूल कांग्रेस और पश्चिम बंगाल सरकार को चुनावी संबंधी सेवाएं दे रही है. इस गिरफ्तारी के बाद राज्य में हलचल तेज हो गई है.

घर और ऑफिस पर छापा

प्रवर्तन निदेशालय ने 2 अप्रैल को इस मामले में दिल्ली बेंगलुरु और मुंबई समेत कई स्थानों पर छापेमारी की थी. इनमें आई पैक के एक अन्य सह संस्थापक ऋषि राज सिंह, पूर्व आप संचार प्रभारी विजय नायर के ठिकाने भी शामिल थे. ईडी ने कोयला तस्करी से जुड़े 2742 करोड़ के मनी लॉन्ड्रिंग मामले को लेकर आई पैक डायरेक्टर प्रतीक जैन के घर और ऑफिस पर छापा मारा था. सीबीआई ने इस मामले में 27 नवंबर 2020 को एफआईआर दर्ज की थी. ईडी ने 28 नवंबर 2020 को इसकी जांच शुरू की थी.

जांच में बाधा और सबूत नष्ट करने का आरोप

आई पैक भारत की पॉलिटिकल कंसल्टेंसी कंपनी है, जो राजनीतिक दलों के लिए बड़े स्तर पर चुनावी अभियानों का काम करती है. आरोप है कि 20 करोड़ हवाला के जरिए आई पैक तक ट्रांसफर हुए. ईडी ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है, जिसमें कहा गया था कि राज्य सरकार ने जांच में बाधा डाली और सबूत नष्ट किए.

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-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

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