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सत्येंद्र जैन मानहानि मामला: राऊज एवेन्यु कोर्ट 28 अक्टूबर को सुनाएगा फैसला, बीजेपी नेता करनैल सिंह की बढ़ी मुश्किलें

दिल्ली की राऊज एवेन्यु कोर्ट पूर्व स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन द्वारा बीजेपी नेता करनैल सिंह के खिलाफ दायर मानहानि याचिका पर संज्ञान लेने के मुद्दे पर आगामी 28 अक्टूबर को अपना फैसला सुनाएगी. अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने दोनों पक्षों की लंबी दलीलें सुनने के बाद इस पर फैसला सुरक्षित रख लिया है.

समन रद्द होने और मामला वापस लौटने की प्रक्रिया

इससे पहले एडिशनल चीफ मेट्रोपॉलिटन मजिस्ट्रेट पारस दलाल ने बीजेपी नेता करनैल सिंह को समन जारी कर पेश होने का आदेश दिया था. कोर्ट ने तब माना था कि करनैल सिंह पर लगाए गए आरोप आधारहीन नहीं हैं और मामला आगे चलाने के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं. हालांकि, इसके बाद सेशंस कोर्ट ने उस समन को रद्द कर दिया था और मामले को दोबारा नए सिरे से विचार के लिए मजिस्ट्रेट कोर्ट के पास वापस भेज दिया था.

MP/MLA कोर्ट के अधिकार क्षेत्र पर सवाल

सुनवाई के दौरान अदालत ने सत्येंद्र जैन से यह सवाल भी पूछा था कि भाजपा नेता करनैल सिंह के खिलाफ यह मानहानि का मुकदमा विशेष MP/MLA कोर्ट में कैसे चल सकता है, क्योंकि इस मामले में जैन आरोपी नहीं बल्कि शिकायतकर्ता (Complainant) हैं. इस पर जैन के वकील ने दिल्ली हाईकोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए दलील दी थी कि यदि कोई पूर्व विधायक या मंत्री किसी मामले में शिकायतकर्ता है, तो वह विशेष MP/MLA कोर्ट में अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है.

क्या हैं मानहानि के आरोप?

सत्येंद्र जैन ने अपने वकील रजत भारद्वाज के जरिए यह याचिका दायर की है. याचिका के मुताबिक जैन का आरोप है कि बीजेपी नेता करनैल सिंह ने सार्वजनिक रूप से यह बयान दिया था कि प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने उनके घर से 37 किलो सोना बरामद किया है, उनके नाम पर 1100 एकड़ जमीन है और उन्होंने बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार करके बेनामी संपत्ति बनाई है. याचिका में कहा गया है कि करनैल सिंह ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया कि जैन ने भारी मनी लॉन्ड्रिंग की है, वह भू-माफिया हैं और उन्हें दोबारा जेल भेजा जाएगा.

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छवि खराब करने की साजिश

सत्येंद्र जैन ने इन सभी आरोपों को पूरी तरह झूठा, मनगढ़ंत और बेबुनियाद करार दिया है. उनका कहना है कि बीजेपी नेता उनकी राजनीतिक और सामाजिक छवि को धूमिल करने के लिए इस तरह के झूठे बयान दे रहे हैं. याचिका में यह भी आरोप लगाया गया है कि करनैल सिंह ने जनता के पैसों और भ्रष्टाचार को लेकर जनता के बीच भ्रामक बातें फैलाई हैं.

गोपाल कृष्ण

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