लीगल

सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: अरावली की पर्वत श्रृंखलाओं में खनन पर पूरी तरह रोक, CJI बोले: संवेदनशील है मामला

Supreme Court Aravali Mining Case: अरावली की नई परिभाषा तय करने के मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई सूर्यकांत ने पूछा कि समिति की संरचना कैसी होनी चाहिए? क्योंकि बड़ी समिति एक समस्या बन जाती है. इसपर एडिशनल सॉलिसिटर जनरल ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि ICFRA के निदेशक समिति की अध्यक्षता कर सकते है.

सीजेआई सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस विपुल एम पंचोली की पीठ मामले में सुनवाई कर रही है. सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश एएसजी ऐश्वर्या भाटी ने कोर्ट को बताया कि सीइसी और एमिकस क्यूरी ने कुछ नाम सुझाए है, जिन्हें अंतिम रूप दिया जा सकता है.

एक इंच भी खनन की अनुमति नहीं

सुप्रीम कोर्ट ने पर्यावरणीय चिंताओं से संबंधित मुद्दों की जांच के लिए गठित की जाने वाली प्रस्तावित विशेषज्ञ समिति में शामिल किए जाने वाले लोगों के नामों को अंतिम रूप देगा. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि जब तक सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित समिति अरावली पहाड़ियों और पर्वत श्रृंखलाओं को फिर से परिभाषित नहीं कर देती, तब तक अरावली के एक इंच हिस्से को भी खनन के लिए इस्तेमाल की अनुमति नहीं दी जाएगी.

10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद जीता

मामले की सुनवाई के दौरान खनन पट्टा धारकों की ओर से पेश वकील ने कहा था कि पट्टों को अंतीम रूप दिए बिना भी नवीनीकरण और पट्टों को देने की प्रक्रिया आगे बढ़ सकती है. इसपर सीजेआई ने कहा था कि हम अरावली में खनन गतिविधियों को फिर से शुरू करने की अनुमति देने वाला कोई आदेश पारित नहीं करेंगे. सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि अरावली पहाड़ियों और पर्वतमालाओं की परिभाषा और संबंधित मुद्दे पर स्वतः संज्ञान ले कर सुनवाई कर रहा है.

कोर्ट ने याचिककर्ताओ के वकील से कहा था कि यदि किसी खनन पट्टे को रद्द किया जाता है, तो संबंधित पक्ष सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है. कोर्ट ने कहा था कि हम अभी खनन पट्टा धारकों के पक्ष में कोई आदेश पारित नहीं करेंगे, क्योंकि यह एक संवेदनशील मामला है, इसमें जल्दबाजी करना सही नहीं है.

मामले की सुनवाई के दौरान सीजेआई ने वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी से उनके मुवक्किल के लिए कहा था कि जिन्होंने 10 साल की कानूनी लड़ाई के बाद खनन पट्टा जीता था. समस्या यह है कि अभी तक किसी को नहीं पता कि अरावली क्या है. इसलिए अभी नहीं.

मामले को लेकर कोई नई याचिका दायर नहीं

कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा था कि यह मुद्दा सिर्फ तकनीकी नहीं बल्कि देश के पर्यावरण के भविष्य से जुड़ा हुआ है. सीजेआई सूर्यकांत की अध्यक्षता वाली बेंच ने यह साफ किया था कि अरावली क्षेत्र में किसी तरह की अवैध खनन बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. क्योंकि इसके परिणाम अपूर्णीय और दूरगामी होते है.

कोर्ट ने अपने आदेश में यह भी साफ कर दिया था कि इसको लेकर कोई नई याचिका दायर नहीं होनी चाहिए. कोर्ट ने एमिकस क्यूरी से रिपोर्ट देने को कहा था. मामले की सुनवाई के दौरान राजस्थान सरकार की ओर से पेश एडिशनल सॉलिसिटर जनरल के एम नटराजन ने कहा था कि राज्य सरकार तत्काल यह सुनिश्चित करेगी कि राज्य में कोई अवैध खनन न हो. कोर्ट ने हाई पावर कमेटी से सदस्यों के नाम सुझाने को कहा था.

यह भी पढ़ें:  NEET 2026 Leak: प्रोफेसर कुलकर्णी 2 दिन और CBI रिमांड पर, सह-आरोपी मनीषा को जेल

-भारत एक्सप्रेस 

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

मुंबई से भागे, कोटा में धरे गए! टाइगर श्रॉफ की कार पर गोली चलाने वाले तीनों शूटर गिरफ्तार

Tiger Shroff Firing: बॉलीवुड अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई गोलीबारी की घटना के…

5 minutes ago

BLA ने उड़ाया PAK आर्मी का काफिला…! मेजर समेत 7 सैनिक ढेर, बलोचों से भी मार खा रहे मुनीर?

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने दावा किया है कि 18 अक्टूबर को बलूचिस्तान के ग्वादर…

7 minutes ago

‘सपनों की रानी’ के प्यार में बर्बाद हुआ ब्राजीलियाई आशिक, 2,000 KM दूर जाकर खुला खौफनाक राज; देखें VIDEO

AI Love Scam: एक वर्चुअल एआई हसीना का झूठा वादा और प्यार में अंधा हुआ…

56 minutes ago

राजनाथ सिंह से लेकर अमित शाह तक… जानिए देश के नेताओं ने कैसे दी महानवमी की बधाई?

नवरात्र के नौवें दिन केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह सहित कई नेताओं की ओर से…

57 minutes ago

ट्रंप के ‘मदर ऑफ ऑल बॉम्ब’ की आहट!12 देशों में एडवाइजरी जारी, बड़े हमले की तैयारी में अमेरिका?

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नागरिकों के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी होने…

1 hour ago

रामायण की कितनी कहानियां? आनंद नीलकंठन की किताब बताती है, हर दौर में बदलती रही इस महाकाव्य की दुनिया

आनंद नीलकंठन की किताब विविध रामायण, विविध पाठ बताती है कि रामायण सिर्फ एक कहानी…

1 hour ago