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NEET 2026 Leak: प्रोफेसर कुलकर्णी 2 दिन और CBI रिमांड पर, सह-आरोपी मनीषा को जेल

NEET UG 2026 paper leak: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में सीबीआई कोर्ट ने रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की रिमांड दो दिन के लिए बढ़ा दी है. वहीं, पुणे में छात्रों को एक्स्ट्रा क्लास में असली पेपर के सवाल रटवाने वाली आरोपी मनीषा वाघमारे को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है.

CBI
Edited by Shubhra Rai

NEET UG 2026 Paper leak: नीट-यूजी 2026 पेपर लीक मामले में गिरफ्तार रिटार्यड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की सीबीआई रिमांड की अवधि को 2 दिन के लिए बढ़ा दिया है. सीबीआई ने 10 दिन की सीबीआई रिमांड की अवधि खत्म होने के बाद पेश किया था. सीबीआई ने कहा कि कुलकर्णी से अभी भी पूछताछ करना जरूरी है. लिहाजा दो दिन के लिए सीबीआई रिमांड पर भेजा जाए.

सीबीआई के स्पेशल जज अजय गुप्ता ने यह आदेश दिया है. वही कोर्ट ने मनीषा वाघमारे को 14 दिन के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

NTA को तय करना है

पिछली सुनवाई में मनीषा वाघमारे के वकील ने कहा था कि गिरफ्तारी अवैध है. मेरे खिलाफ सबूत नहीं मिला है. मेरी गिरफ्तारी सह आरोपी के बयान के आधार पर गिरफ्तार किया गया है. सीबीआई के पास मेरे खिलाफ सबूत नहीं है. जबकि कुलकर्णी को लेकर उन्होंने कहा था कि मुझे नहीं पता कि मेरे सवाल सेलेक्ट किया या नहीं. मैंने सवाल सेलेक्ट करके NTA को दिया, NTA को तय करना है कि सवाल लेना है या नहीं.

गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे

मामले की सुनवाई के दौरान सीबीआई ने कोर्ट को बताया गया था कि मनीषा वाघमारे की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए है. जांच के दौरान मनीषा पैसे के लेन देन और आरोपियों के संपर्कों को लेकर संतोषजनक जवाब नहीं दे सकी. मनीषा वाघमारे से हुई पूछताछ के बाद रिटायर्ड प्रोफेसर पीवी कुलकर्णी की भूमिका का पता चला है. मनीषा वाघमारे अपने घर पर छात्रों को नीट की तैयारी करवाती थी.

सबसे बड़ा सबूत छात्रों की नोटबुक

आरोप है कि कुलकर्णी से प्रश्नपत्र मिलने के बाद उसने छात्रों के लिए विशेष क्लास लगाई और संभावित सवालों के साथ उनके सही उत्तर भी बताए. जांच में सबसे बड़ा सबूत छात्रों की नोटबुक बनी, जिसमें लिखे कई सवाल हूबहू वही पाए गए जो असली नीट परीक्षा में पूछे गए थे. वही सीबीआई ने कुलकर्णी को महाराष्ट्र के लातूर से गिरफ्तार किया है. आरोपी पीवी कुलकर्णी लातूर के दयानंद कॉलेज में केमेस्ट्री का प्रोफेसर था और चार साल पहले सेवानिवृत्त होने के बाद नीट के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली कमेटी में था.

कुल 11 लोग अभी तक गिरफ्तार

कुलकर्णी कमेटी का सदस्य होने के कारण अप्रैल के अंतिम सप्ताह में प्रश्नपत्र लग गया और उसके बाद पुणे की मनीषा बाघमारे के सहारे उसने उसे लीक कर दिया. कुलकर्णी सहित कुल 11 लोगों को सीबीआई अभी तक गिरफ्तार कर चुकी है. कुलकर्णी ने इसी मामले में गिरफ्तार मनीषा वाघमारे के साथ मिलकर इन छात्रों के लिए एक्स्ट्रा क्लासेस पुणे में शुरू की थी. क्लास के दौरान छात्रों को सवाल बताए और उनके करेक्ट जवाब भी बताए.

मनीषा गुरुनाथ माथरे को दिल्ली से गिरफ्तार

इन सवालों को छात्रों ने अपनी नोटबुक में हाथ से नोट किया था और फिर इन्हें 3 मई को असली पेपर में सेम टैली किया गया. सीबीआई ने बताया कि इन छात्रों ने इन प्रश्नों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा और ये प्रश्न 3 मई को आयोजित नीट यूजी 2026 परीक्षा के मूल प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते है. वही जबकि बायोलॉजी पेपर लीक मामले में सीबीआई ने महाराष्ट्र की सीनियर बायोलॉजी टीचर मनीषा गुरुनाथ माथरे को दिल्ली से गिरफ्तार किया है.

एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त

जांच में सामने आया है कि माथरे को एनटीए ने नीट यूजी 2026 परीक्षा प्रक्रिया में एक्सपर्ट के तौर पर नियुक्त किया था. उन्होंने बायोलॉजी के प्रश्नपत्रों की पूरी जांच की थी. सीबीआई के मुताबिक अप्रैल 2026 में मनीषा माथरे ने पुणे की मनीषा वाघमारे के जरिये नीट के छात्रों को इकठ्ठा किया और अपने पुणे स्थित घर पर स्पेशल कोचीन क्लास चलाई.

इन क्लासों में उन्होंने बायोलॉजी के कई सवाल छात्रों को बताए, नोट्स लिखवाए और किताबों में मार्क करवाए. जांच में पता चला कि इनमें से ज्यादातर सवाल मेल खाते थे.

यह भी पढ़ें:  ‘प्रक्रिया को जॉय राइड न समझें…’ शराब नीति मामले में कोर्ट की कार्यवाही में शामिल होंगे केजरीवाल, सिसोदिया और दुर्गेश पाठक

-भारत एक्सप्रेस 



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