सुप्रीम कोर्ट ने त्योहार और छुट्टियों के दौरान हवाई किरायों को लेकर जवाब दाखिल नही करने पर केंद्र सरकार को फटकार लगाई है. कोर्ट ने पूछा कि तीन बार समय दिए जाने के बावजूद अभी तक जवाब क्यों नही दाखिल किया गया. कोर्ट ने पूछा कि जवाब दाखिल करने के लिए बार-बार समय क्यों मांगा जा रहा है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की पीठ ने यह आदेश दिया है. यह याचिका सामाजिक कार्यकर्ता एस लक्ष्मीनारायण की ओर से दायर की गई है. कोर्ट ने बार-बार समय मांगे जाने के मसले पर हलफनामा देने को कहा है.
मामले की सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश वकील ने कहा कि नियम बनाने पर सरकार विचार कर रही है. कोर्ट ने कहा, यह हलफनामा देकर बताए. सभी चीज रिकॉर्ड पर होना चाहिए. सरकार ने तीन सप्ताह का समय मांगा था, लेकिन कोर्ट ने इनकार कर दिया और मामले को अगले सप्ताह के लिए सूचीबद्ध कर दिया है. पिछली सुनवाई में कोर्ट ने कहा था कि हवाई किराए में होने वाले बेतहाशा उतार चढ़ाव में दखल दिया जाएगा. दायर याचिका में प्राइवेट एयरलाइंस कंपनियों के हवाई किराए और बाकी फीस में अप्रत्याशित उतार चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए बाध्यकारी नियामक दिशानिदेशों का अनुरोध किया गया है.
जस्टिस मेहता ने अदालत में मौजूद सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता से कहा था कि हो सकता है कि अहमदाबाद के हवाई किराए में वृद्धि नही हुई हो. लेकिन जोधपुर जैसे अन्य जगहों के लिए किराए में भारी बढ़ोतरी हुई है. दायर याचिका में दावा किया गया था कि वर्तमान में किसी भी ऑथोरिटी के पास हवाई किराए या अतिरिक्त शुल्कों की समीक्षा करने या उनकी अधिकतम सीमा तय करने की शक्ति नहीं है. इसी का फायदा उठाकर एयरलाइंस गुप्त शुल्कों और कीमतों में मनमाने बदलाव के जरिए उपभोक्ताओं का शोषण कर रही है.
याचिका में यह भी कहा गया था कि एयरलाइंस के अनियंत्रित, अपारदर्शी और शोषणकारी व्यवहार जैसे कि मनमाना किराए बढ़ाना, सेवाओं में एकतरफा कटौती, जमीनी स्तर पर शिकायत निवारण की कमी और अनुचित डायनामिक प्राइसिंग एल्गोरिदम-नागरिकों के समानता, आवाजाही की स्वतंत्रता और सम्मान के साथ जीने के मौलिक अधिकारों का सीधे तौर पर उल्लंघन करता है.
यह भी पढ़ें: सुप्रीम कोर्ट का बड़ा कदम, जमीन विवाद सुलझाने के लिए क्या अब बनेगी ‘राजस्व न्याय सेवा’? केंद्र और राज्यों को नोटिस
-भारत एक्सप्रेस
1943 के बंगाल अकाल में लाखों लोगों ने भूख और कुपोषण के कारण अपनी जान…
Pawan Hangman on Saurabh Rajput murder convicts death sentence: मेरठ के सौरभ 'नीला ड्रम' हत्याकांड…
Jharkhand 108 ambulance workers protest Ranchi: रांची में 108 एंबुलेंस कर्मियों ने बकाया वेतन और…
मध्य प्रदेश के प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग तीर्थ ओंकारेश्वर में सिंहस्थ 2028 के तहत प्रस्तावित विकास परियोजनाओं…
उन्नाव में लखनऊ-कानपुर हाईवे पर स्कूली बच्चों से भरी एसी बस में अचानक आग लग…
दिल्ली दंगों से जुड़े दयालपुर मामले में कड़कड़डूमा कोर्ट ने आम आदमी पार्टी के पूर्व…