सुप्रीम कोर्ट ने नागा विद्रोही संगठन एनएससीएन-आईएम और टेरर फंडिंग मामले में आरोपी अलेमला जमीर को झटका लगा है. जस्टिस एम. एम सुंदरेश और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने जमीर की ओर से दायर जमानत याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने कहा कि हम इस समय जमानत देने के पक्ष में नहीं हैं, क्योंकि ट्रायल अभी चल रहा है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरोप बहुत गंभीर हैं और हमारी अंतरात्मा को झकझोर देते हैं. जमीर ने दिल्ली हाई कोर्ट के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी.
दिल्ली हाई कोर्ट ने जमानत याचिका खारिज करते हुए कहा था कि जमीर के खिलाफ आरोपों, सबूतों और उसके पति के फरार होने के तथ्य के मद्देनजर उसकी जमानत याचिका को खारिज किया जाता हैं. कोर्ट ने दूसरी बार दायर जमानत याचिका को खारिज करते हुए कहा कि कोर्ट द्वारा दिए गए पहले आदेश के खिलाफ अपील में कोई दम नही है. जमानत का विरोध करते हुए अभियोजन पक्ष ने आरोप लगाया था कि जमीर और अन्य आरोपियों ने मिलकर आतंकी फंडिंग के लिए धन उगाही करने के लिए नागा सेना के सशस्त्र कैडेटों के माध्यम से एक परिष्कृत नेटवर्क स्थापित किया.
हालांकि जमीर की ओर से पेश वकील ने कहा था कि उनके खिलाफ कथित गंभीर आरोपों का समर्थन करने के लिए पर्याप्त सबूत रिकॉर्ड पर नहीं थे. आरोपी की ओर से पेश वकील ने यह भी कहा था कि उसकी उम्र 51 वर्ष थी और उसने लगभग 4.5 साल जेल में बिता चुका है, क्योंकि अभियोजन पक्ष उसके मामले की सुनवाई के निष्कर्ष के बारे में अनिश्चित था.
बता दें कि 17 दिसंबर 2019 को दिल्ली हवाई अड्डे पर लगभग 72 रुपये नकद के साथ दीमापुर के लिए उड़ान भरने से पहले रोकेजाने के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) ने जमीर के खिलाफ मामला दर्ज किया था. जांच एजेंसी ने कहा था कि वह बरामद नकदी का स्रोत बताने में असफल रहा है. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि एनआईए की जांच से पता चला कि एनएससीएन अत्याधुनिक हथियारों से लैस एक आतंकवादी संगठन था और समानांतर सरकार चलता था.
ये भी पढ़ें: जहरीली खांसी की दवा से बच्चों की हुई मौत, सुप्रीम कोर्ट पहुचा मामला, दायर जनहित याचिका में सीबीआई जांच की मांग
भारत एक्सप्रेस
दिल्ली हाई कोर्ट में फिल्मी हस्तियों द्वारा दायर पर्सनैलिटी राइट्स से जुड़ी याचिकाओं पर 30…
भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने बंगाल दौरे के दौरान सोमवार को कोलकाता में…
Indore Cricket Ticket Scam Alert: इंदौर में 11 अक्टूबर को भारत-वेस्टइंडीज मैच से पहले टिकट…
UP Assembly Election 2027: यूपी विधानसभा चुनाव से पहले सियासी समीकरण बदल रहे हैं. अखिलेश…
भारत वर्ष 2026 में ARIN-AP (Asset Recovery Inter-Agency Network–Asia Pacific) की अध्यक्षता कर रहा है…
Dilip Ghosh: ममता बनर्जी के करीबी नेता कुणाल घोष पर अंडे से हमला को लेकर…