तृणमूल कांग्रेस (TMC) के राष्ट्रीय महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए सर्वोच्च न्यायालय (सुप्रीम कोर्ट) ने कलकत्ता हाई कोर्ट से बड़ा अनुरोध किया है. शीर्ष अदालत ने कलकत्ता हाई कोर्ट से कहा है कि वह अभिषेक बनर्जी की विदेश यात्रा से जुड़ी अर्जी पर प्राथमिकता के आधार पर सुनवाई करे और एक सप्ताह के भीतर इस पर अपना फैसला सुनाए. माननीय मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत, जस्टिस जॉयमाल्या बागची और जस्टिस वी. मोहना की तीन सदस्यीय विशेष खंडपीठ इस मामले की सुनवाई कर रही है.
मामले की सुनवाई के दौरान शीर्ष अदालत ने देखा कि अभिषेक बनर्जी की यह अर्जी पहले से ही कलकत्ता हाई कोर्ट के समक्ष लंबित है, लेकिन उसकी सुनवाई के लिए कोई निश्चित तारीख तय नहीं की गई थी. इसी स्थिति को देखते हुए सुप्रीम कोर्ट ने कलकत्ता हाई कोर्ट से आधिकारिक अनुरोध किया कि वह इस अर्जी पर तत्काल सुनवाई करे और एक हफ्ते के भीतर अपना फैसला पारित करे.
इससे पहले, कलकत्ता हाई कोर्ट ने अभिषेक बनर्जी को अपनी आंखों के इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति देने से इनकार कर दिया था. इस फैसले के खिलाफ अभिषेक बनर्जी ने 20 जुलाई 2026 को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. कलकत्ता हाई कोर्ट ने अपने आदेश में अभिषेक बनर्जी को निर्देश दिया था कि वे पहले कोलकाता स्थित SSKM अस्पताल के चक्षु (आंख) विभाग में अपनी आंखों की विस्तृत जांच कराएं और विशेषज्ञ डॉक्टरों की रिपोर्ट कोर्ट के सामने पेश करें. हाई कोर्ट ने स्पष्ट किया था कि डॉक्टरों की विशेषज्ञ रिपोर्ट आने के बाद ही उनके विदेश में इलाज की आवश्यकता पर विचार किया जाएगा.
सुप्रीम कोर्ट में दायर अपनी याचिका में डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने रुख स्पष्ट करते हुए कहा कि उन्होंने कलकत्ता हाई कोर्ट के पूर्व के सभी निर्देशों का पूरी निष्ठा से पालन किया है. उन्होंने डीजे (DJ) मामले में जांच एजेंसियों के साथ पूरा सहयोग किया है और अपना वॉयस सैंपल (Voice Sample) भी जांच अधिकारी को सौंप दिया है. इसके बावजूद उन्हें इलाज के लिए विदेश जाने की अनुमति नहीं दी जा रही है.
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गौरतलब है कि अभिषेक बनर्जी के विदेश जाने पर रोक हाई कोर्ट द्वारा पहले से तय की गई एक सख्त शर्त के कारण लागू है. एक आपराधिक मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने उन्हें गिरफ्तारी या कठोर दंडात्मक कार्रवाई से अंतरिम संरक्षण (Protection) तो दिया था, लेकिन इसके साथ यह शर्त अनिवार्य रूप से रखी थी कि वे अदालत की पूर्व अनुमति के बिना देश से बाहर यात्रा नहीं कर सकेंगे.
इससे पहले कलकत्ता हाई कोर्ट में सुनवाई के दौरान जज ने पूछा था कि क्या अभिषेक बनर्जी ने हाल ही में कोलकाता के किसी स्थानीय अस्पताल में अपनी आंखों की जांच कराई है? इस सवाल का जवाब देते हुए सांसद की ओर से पेश हुए वकील ने कोर्ट को अवगत कराया था कि डायमंड हार्बर के सांसद अभिषेक बनर्जी पिछले करीब 10 वर्षों से अमेरिका (USA) के विशेषज्ञ अस्पताल में अपनी आंखों का इलाज करा रहे हैं और वहां उनकी नियमित जांच (रंग व दृष्टि संबंधी फॉलो-अप) भी होती आ रही है. अब सुप्रीम कोर्ट के इस रुख के बाद सभी की नजरें कलकत्ता हाई कोर्ट द्वारा एक हफ्ते में आने वाले फैसले पर टिकी हैं.
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