सुप्रीम कोर्ट.
Legal News: सुप्रीम कोर्ट ने कर्ज में डूबी भूषण पावर एंड स्टील लिमिटेड के लिए जेएसडब्ल्यू स्टील की 19700 करोड़ रुपए की समाधान योजना से संबंधित मामले में दायर याचिकाओं पर फैसला सुरक्षित रख लिया है. सीजेआई बीआर गवई, जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा और जस्टिस विनोद चंद्रन ने सभी पक्षों की जिरह के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया है.
इस मामले में कंपनी, लेनदार समिति और पूर्व प्रवर्तकों के बेच लंबे समय से विवाद चल रहा है. मामले में सीओसी की ओर से सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता, जेएसडब्ल्यू की ओर से वरिष्ठ वकील नीरज किशन कौल और पूर्व प्रवर्तकों की ओर से ध्रुव मेहता ने दलीलें रखी.
सीजेआई गवई ने कहा था कि अनुच्छेद 142 के तहत अपनी शक्ति का इस्तेमाल किसी पुनर्जीवित कंपनी के 25000 कर्मचारियों के साथ अन्याय करने के लिए नहीं कर सकता. सीजेआई ने कहा था कि प्रथम दृष्टया हम पुनर्विचार की अनुमति देने पर सहमत हैं. हम पूरी सुनवाई करेंगे, लेकिन प्रथम दृष्टया ऐसा लगता है कि यह निर्णय पहले से तय फैसलों के अनुरूप नहीं है.
सीजेआई गवई ने यह स्पष्ट कर दिया था कि कोर्ट केवल फैसले की कानूनी वैधता पर ही गौर करेगा. उन्होंने यह भी कहा था कि हम किसी नए दस्तवेज़ पर नहीं जाएंगे, केवल पुराने फैसले की समीक्षा करेंगे. यह जरूरी है कि ऐसे निर्णय कानून के दायरे में और कर्मचारियों के हित में हो.
बता दें कि दिसंबर 2024 में जस्टिस बेला त्रिवेदी और जस्टिस सतीश चंद्र शर्मा की पीठ ने बीपीएसएल के लिए जेएसडब्ल्यू की योजना को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि लेनदारों की समिति (सीओसी) ने योजना को मंजूरी देने में गलती की थी. लेकिन जेएसडब्ल्यू ने पुनर्विचार याचिका दाखिल की, जिसके बाद कोर्ट ने 2 मई के अपने फैसले को वापस ले लिया.
-भारत एक्सप्रेस
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