लीगल

दिल्ली की 3 प्राइवेट बिजली कंपनियों के CAG ऑडिट पर सुप्रीम कोर्ट की रोक, 15 जुलाई को होगी अगली सुनवाई

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली की तीन निजी बिजली वितरण कंपनियों के सीएजी के नेतृत्व में किए जा रहे ऑडिट पर रोक लगा दिया है. साथ ही कोर्ट ने मामले में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है. कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रीय लेखा परीक्षक की नियुक्ति के संबंध में दिल्ली विद्युत नियामक आयोग के निर्णय की वैधता पर सवाल उठता है इसकी जांच आवश्यक है.

जस्टिस केवी विश्वनाथन और चंद्रशेखर की पीठ ने यह आदेश दिया है. अदालत ने डिस्कॉम को नोटिस जारी करते हुए कहा कि यह सिविल अपील सीधे तौर पर इस मुद्दे से जुड़ी है कि क्या डीईआरसी द्वारा कैग के माध्यम से वितरण कंपनियों के ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करना कानूनी रूप से सही है. कोर्ट 15 जुलाई को मामले में अगली सुनवाई करेगा. अब इस मामले की सुनवाई वहीं बेंच करेगी जिस बेंच ने पिछले साल अगस्त में फैसला सुनाया था. सुप्रीम कोर्ट ने अपीलीय विद्युत न्यायाधिकरण के उस आदेश पर रोक लगा दिया है, जिसमें डीईआरसी को किसी स्वतंत्र चार्टड अकाउंटेंट से ऑडिट कराने का निर्देश दिया गया था. साथ ही सीएजी को भी फिलहाल ऑडिट आगे बढ़ाने पर रोक लगा दिया है.

क्या कैग कर सकता है डिस्कॉम का ऑडिट?

सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी करते हुए कहा कि वर्तमान दीवानी अपील सीधे तौर पर इस मुद्दे से संबंधित है कि सीएजी द्वारा वितरण कंपनियों के ऑडिट की प्रक्रिया शुरू करने में डीईआरसी की कार्रवाई कानूनी रूप से अनुमेय है या नही. यह मामला डिस्कॉम पर बकाया करीब 38,500 करोड़ रुपए के रेगुलेटरी एसेट्स से जुड़ा है, जो सालों से उपभोक्ताओं से वसूला जाना बाकी है. सुप्रीम कोर्ट एपटेल के अप्रैल के फैसले के खिलाफ डीईआरसी की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई कर रही थी. एपटेल ने अपने फैसले में कहा था कि ऑडिट का काम कैग को सौंपना कानूनी ढांचे के खिलाफ है और रेगुलेटर को ऑडिट के लिए एक स्वतंत्र चार्टड अकाउंटेंट नियुक्त करने का निर्देश दिया था.

मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने पूछा कि सीएजी को ऑडिटर नियुक्त करने की कानूनी मान्यता तक सीमित अपील में नियामक परिसंपत्तियों के परिसमापन का मुद्दा कैसे उठा? इसपर डिस्कॉम की ओर से पेश वरिष्ठ वकील अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि ऑडिट और नियामक परिसंपत्तियों की रिकवरी के मुद्दे अलग-अलग है.

सुप्रीम कोर्ट के एक पीठ ने अपने 2025 के फैसले में 2031 तक दिल्ली के नियामक परिसम्पत्तियों को फेज में खत्म करने का फ्रेमवर्क तय किया, और उनके जमा होने का निर्देश दिया. जिन तीन कंपनियों का ऑडिट होना था उनमें बीएसईएस राजधानी पावर लिमिटेड (BRPL), बीएसईएस यमुना पावर लिमिटेड (BYPL) और टाटा पावर दिल्ली डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPDDL) शामिल है.

ये भी पढ़ें: केरल हाई कोर्ट ने पूर्व CM पिनाराई विजयन के आवास पर ED टीम पर हमले की CBI जांच वाली याचिका को किया खारिज

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

‘वीजा पर आई थीं अमेरिका, अब संसद में बुलंद करेंगी आवाज’ म‍िडटर्म इलेक्‍शन में भारतीय मूल की प्रमिला जयपाल ने जीता चुनाव

Pramila Jayapal: प्रमिला जयपाल का जन्म भारत में हुआ था. उन्होंने अपना बचपन भारत, इंडोनेशिया…

19 minutes ago

अगले 11 घंटे…15 राज्यों में मौसम काटेगा भयंकर बवाल! 70 की स्पीड से आंधी और मूसलाधार बारिश का अलर्ट

मौसम के बदलते मिजाज के बीच IMD के पूर्वानुमान में कई राज्यों में भारी बारिश,…

1 hour ago

ट्रंप की हार से तेल की कीमतों में हाहाकार…! 1 दिन में 9% टूटा क्रूड ऑयल, भारत को मिला दिवाली गिफ्ट

Crude Oil Price: अमेरिकी मिडटर्म चुनावों में रिपब्लिकन पार्टी को झटका लगने और ईरान युद्ध…

1 hour ago

Aaj Ka Panchang: आज है रमा एकादशी और मालव्य योग..! भूलकर भी न करें ये बड़ी गलती, जानें शुभ मुहूर्त

आज 5 नवंबर 2026 को कार्तिक मास के कृष्ण पक्ष की रमा एकादशी मनाई जा…

2 hours ago

रमा एकादशी पर बन रहा मालव्य योग..! मकर-धनु समेत इन 5 राशियों की बदल जाएगी किस्मत, मेष वाले सावधान

5 नवंबर 2026 को रमा एकादशी पर मालव्य, बुधादित्य और लक्ष्मीनारायण योग का संयोग बन…

2 hours ago