केरल हाई कोर्ट ने केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनारई विजयन के आवास पर ईडी की छापेमारी के दौरान ईडी के अधिकारियों पर हुए हमले की सीबीआई जांच की मांग वाली याचिका को खारिज कर दिया है. कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि जांच सही दिशा में चल रही है. फिलहाल दखल देने की जरूरत नहीं है.
खंडपीठ ने याचिका का किया निपटारा
मुख्य न्यायाधीश सौमेन सेन और जस्टिस श्याम कुमार की खंडपीठ ने राज्य सरकार की रिपोर्ट पर भरोसा जताते हुए याचिका का निपटारा कर दिया है. मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार ने अदालत को बताया कि 27 मई को पूर्व मुख्यमंत्री पिनराई विजयन के आवास पर ईडी की तलाशी के दौरान हुए कथित हमले के मामले में जांच लगातार जारी है.
बता दें कि पूर्व मुख्यमंत्री के आवास सहित 10 जगहों पर छापेमारी की कार्रवाई को अंजाम देकर जब ईडी के अधिकारी वापस जाने लगे, उस दौरान समर्थकों ने उनपर हमला कर दिया था. कन्नूर के ईडी की टीम पर यह हमला हुआ था. भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने लाठीचार्ज भी किया था. छापेमारी टीम में 12 अधिकारियों में से 4 महिला अधिकारी शामिल थे.
क्या है CMRL?
सीएमआरएल (CMRL) एक पब्लिक लिस्टेड कंपनी है, जिसमें बड़ी हिस्सेदारी आम निवेशकों और केरल सरकार की पीएसयू कंपनी केरल स्टेट इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन की है. कंपनी का कंट्रोल मैनेजिंग डारेक्टर एस. एन ससीधरन कार्थो और उनके बेटे सारन एस कार्थो के पास बताया गया जाता है.
कब का है मामला?
यह मामला पहली बार 2019 मे सामने आया था, जब आयकर विभाग ने सीएमआरएल पर छापा मारा था. जांच में करीब 130 करोड़ रुपए के फर्जी खर्च सामने आए थे. बाद में कंपनी ने इन फर्जी खर्चो को आयकर टैक्स सेटलमेंट कमीशन के सामने स्वीकार भी किया था.
इसके बाद सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन आफिस (SFIO) तक पहुचा और कॉरपोरेट फ्रॉड की जांच शुरू हुई. इसी आधार पर ईडी ने भी पीएमएलए के तहत मनी लॉन्ड्रिंग जांच शुरू की थी.
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-भारत एक्सप्रेस
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