लीगल

जोजरी नदी के प्रदूषण पर सुप्रीम कोर्ट ने लिया स्वतः संज्ञान, कहा- फैक्ट्रियों के जहरीले पानी से अनगिनत गांव संकट में, उचित कदम उठाएं

राजस्थान की जोजरी नदी में औद्योगिक अपशिष्ट छोड़े जाने के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है. जस्टिस विक्रमनाथ और जस्टिस संदीप मेहता की बेंच ने जोजरी नदी में फैक्ट्रियों के केमिकल युक्त जहरीले पानी गिरने पर चिंता जताई है. नदी में बहता यह काला और बदबूदार पानी खेतों को बंजर कर रहा है, गॉवों के तालाब व कुए प्रदूषित कर रहा है और लोगों के स्वास्थ्य पर सीधा खतरा पैदा कर रहा है. मामले की सुनवाई के दौरान कोर्ट ने कहा कि नदी में फैक्ट्रियों से निकलने वाला प्रदूषित पानी और कचरा डाला जा रहा है. इससे अनगिनत गांव प्रभावित हैं. इन गांवों में पीने योग्य पानी भी नहीं बचा है.

पानी प्रदूषण पर कोई लापरवाही बर्दाश्त नहीं- कोर्ट

कोर्ट ने स्पष्ट किया कि पानी प्रदूषित जैसे गंभीर मुद्दे पर किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नही की जाएगी. कोर्ट ने कहा कि मामले को सीजेआई के पास भेजा जाए, ताकि आगे उचित आदेश दिया जा सके. जोजरी नदी में औद्योगिक अपशिष्ट छोड़े जाने से स्वास्थ्य एवं अन्य परिस्थितिकी तंत्र पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है. जोजरी नदी के विषैले पानी से प्रभावित गांवों में जोधपुर और बालोतरा जिले के कुछ गांव आते हैं. इनमें धवा, मेलावा, लोनावास, कल्याणपुर, आरबा और डोली समेत करीब एक दर्जन गांव है. जोजरी नही राजस्थान की एक प्रमुख मौसमी नदी है. यह नागौर जिले के पंडालू गांव की पहाड़ियों से निकलती है और जोधपुर जिले के खेजलड़ा खुर्द गांव के पास लूणी नही में मिलती है.

लूणी-जोजरी का संगम क्षेत्र सदियों  जीवनदायिनी माना जाता था. यह रास्ते में ही धवा गांव के पास रेगिस्तान में लुप्त हो जाती है. बता दें कि लोकसभा चुनाव से पहले केंद्रीय जलशक्ति मंत्री रहते हुए गजेंद्र सिंह शेखावत ने नदी की पुनरुद्धार योजना का 15 मार्च 2024 को शिलान्यास किया था. तब दावा किया था कि यहां लगने वाले सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट और पानी निकासी की व्यवस्था से नही का पानी इतना निर्मल हो जाएगा कि लोग इसके किनारे बैठकर चाय पी सकेंगे और किसान टमाटर की खेती कर सकेंगे.

ये भी पढ़े : UP विधान परिषद भर्ती मामले में CBI जांच को सुप्रीम कोर्ट ने किया रद्द, कहा- बिना ठोस कारण नहीं हो सकती जांच

Also Follow Bharat Express on X

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

लंगोटिया अंदाज, देसी ठहाके और पिछड़ों की आवाज, कैसे लालू यादव ने बिहार से दिल्ली तक की राजनीति बदल दी

लालू प्रसाद यादव ने भारतीय लोकतंत्र को देसी अंदाज और सामाजिक न्याय की भाषा दी.…

31 minutes ago

Target 243: क्षेत्रीय ‘बड़े भाई’ के बिना बिहार की सत्ता तक पहुंचने की बीजेपी की कोशिश

BJP Target 243 Bihar: स्थानीय नेतृत्व को मजबूत करके, अपने सामाजिक आधार का विस्तार करके…

31 minutes ago

बख्तियारपुर के इंजीनियर ने कैसे बनाया बिहार का पावर ग्रिड? समझिए नीतीश कुमार की ‘इंजीनियर्ड पावर’ की कहानी

बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की राजनीति को अक्सर ‘इंजीनियर्ड पावर’ कहा जाता है. बख्तियारपुर…

39 minutes ago

SRFTI झड़प से लेकर संतों के अपमान तक… टीएमसी सांसद सौगत रॉय के तीखे तेवर, जानें किस मुद्दे पर क्या कहा?

टीएमसी सांसद सौगत रॉय ने एसआरएफटीआई में हुई झड़प, एसआईआर विवाद, 30 सितंबर की इंडिया…

43 minutes ago