लीगल

यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष अजय भानू चिब सहित अन्य 9 कार्यकर्ताओं की रिहाई का पटियाला हाउस कोर्ट ने जारी किया आदेश

पटियाला हाउस कोर्ट ने एआई समिट के दौरान यूथ कांग्रेस के कार्यकर्ताओं द्वारा किए गए शर्टलेस प्रदर्शन के मामले में तिहाड़ जेल में बंद यूथ कांग्रेस के अध्यक्ष उदय भानू चिब सहित 9 अन्य कार्यकर्ताओं की रिहाई का आदेश जारी कर दिया है. कोर्ट ने जिन लोगों के लिए रिहाई आदेश जारी किया है उनमें उदय भानू चिब, कृष्णा हरि, कुंदन यादव, नरसिम्हा यादव, अजय सिंह, सौरभ, अरबाज खान, अजय कुमार विमल, राजा गुर्जर और जितेंद्र यादव शामिल है.

चिब ने लिया दिल्ली हाई कोर्ट का रुख

मजिस्ट्रेट कोर्ट से चिब को 50 हजार रुपये की निजी मुचलके पर जमानत मिल गई थी, लेकिन सेशन कोर्ट ने जमानत पर रोक लगा दिया था. जिसके बाद चिब ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. जिनकी ओर से दायर याचिका पर सुनवाई के बाद दिल्ली हाई कोर्ट ने सेशन कोर्ट के आदेश पर रोक लगा दिया था.

दिल्ली हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा था कि सेंशन कोर्ट ने जमानत रद्द करने का स्पष्ट कारण नहीं बताया था. हाई कोर्ट ने अपने आदेश में कहा है कि सेंशन कोर्ट ने आदेश देते समय दिमाग का इस्तेमाल नही किया”. वहीं, बाकी 9 कार्यकर्ताओं को भी पटियाला हाउस कोर्ट ने 25-25 हजार रुपए की निजी मुचलके पर जमानत मिली गई थी. लेकिन जमानती का एड्रेस वेरिफिकेशन नहीं होने के कारण रिहा नहीं हो पाए थे.

आरोप में 5 साल से कम सजा

जमानत पर सुनवाई के दौरान याचिककर्ताओ की ओर से पेश वकील ने दलील देते हुए कहा कि इन लोगों पर लगे आरोप में पांच साल से कम सजा का प्रावधान है. इन लोगों से दिल्ली पुलिस ने 9 दिनों तक पूछताछ की है, अब उन्हें हिरासत में रखने का कोई औचित्व नही बनता है, लिहाजा इन्हें जमानत दी जाए.

उन्होंने यह भी कहा कि उनके देश छोड़कर जाने का कोई खतरा नही है और ना ही सबूतों के साथ छेड़छाड़ की कोई गुंजाइश है. जबकि दिल्ली पुलिस ने जमानत का विरोध करते हुए कहा कि सुप्रीम कोर्ट ने शाहीन बाग हिंसा मामले में कहा था, प्रदर्शन अधिकार हो सकता है, लेकिन राष्ट्र की छवि खराब नहीं होनी चाहिए.

जानबूझकर ऐसी जगह प्रदर्शन

दिल्ली पुलिस की ओर से पेश वकील ने कोर्ट को बताया कि एआई समिट के दौरान विदेशी मेहमान शामिल हुए थे, लेकिन जानबूझकर ऐसी जगह पर प्रदर्शन किया गया, जबकि प्रदर्शन के लिए जंतर मंतर के अलावे अन्य जगह भी है.

पुलिस ने वकील ने कोर्ट को यह भी बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ पुलिस कर्मी घायल हुए है. संविधान में भले ही प्रदर्शन का अधिकार दिया गया हो लेकिन कुछ शर्तें भी लगाई गई है. दिल्ली पुलिस के अनुसार यह प्रदर्शन सामान्य प्रदर्शन नहीं था.

ये भी पढ़ें: अवमानना पर सुप्रीम कोर्ट का बड़ा फैसला: केस में पक्षकार न होने पर भी आदेश न मानने वाले होंगे दोषी

-भारत एक्सप्रेस

गोपाल कृष्ण

Recent Posts

सीएम देवेंद्र फडणवीस पर गदगद हुए पीएम मोदी, पोस्ट कर बताया कारण?

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने दीपावली पर कुछ ऐसा कर दिखाया कि उसने पीएम…

12 minutes ago

पीएम मोदी के बस्तर दौरे पर घिर गए अखिलेश यादव और राहुल गांधी; जानें कैसे?

पीएम मोदी द्वारा बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों के साथ दीपावली मनाने के फैसले…

36 minutes ago

CM फडणवीस ने किसान के घर मनाई दिवाली, PM मोदी की करी तारीफ; बच्ची नारायणी को दुलारा

Fadnavis Diwali Farmer: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने नागपुर के लोहारी सावंगा गांव में…

36 minutes ago

नक्सली तो खत्म, अब दिमागी नक्सलियों से खतरा; बस्तर में पीएम मोदी का ऐतिहासिक ऐलान

पीएम मोदी ने दीपावली के अवसर पर छत्तीसगढ़ के बस्तर में सुरक्षा बलों के जवानों…

48 minutes ago