संजय बांगर के बेटे ने कराई सेक्स चेंज सर्जरी
Sanjay Bangar’s Son underwent sex change surgery: पूर्व भारतीय क्रिकेटर संजय बांगड़ के बेटे आर्यन बांगड़ ने लिंग परिवर्तन सर्जरी करवाई है और अब वह खुद को अनाया बांगड़ के रूप में पहचान रही हैं. अनाया ने सोशल मीडिया पर अपने नए सफर को साझा करते हुए लिखा, “ताकत कम हो रही है, लेकिन खुशी बढ़ रही है. शरीर में बदलाव हो रहा है, बेचैनी कम हो रही है… अभी भी लंबा रास्ता तय करना है, पर हर कदम मुझे और मेरे असली रूप के करीब ला रहा है.”
23 साल की अनाया ने हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (HRT) शुरू की है. वह पहले इस्लाम जिमखाना क्रिकेट क्लब के लिए खेलती थीं और वर्तमान में मैनचेस्टर में रह रही हैं. 23 अगस्त को किए गए एक पोस्ट में अनाया ने अपने पिता से प्रेरित होकर क्रिकेट के प्रति अपने प्यार को साझा किया था. संजय बांगड़ ने भारत के लिए 12 टेस्ट और 15 वनडे खेले हैं, और अपने पिता को इस खेल में देखकर अनाया को भी क्रिकेट में रुचि हुई.
उनकी पोस्ट में लिखा था, “बचपन से ही क्रिकेट मेरी जिंदगी का हिस्सा रहा है. मैंने अपने पिता को गर्व से भारत का प्रतिनिधित्व करते देखा और जल्दी ही मैंने भी उनके पदचिह्नों पर चलने का सपना देखना शुरू कर दिया. उनकी खेल के प्रति मेहनत, अनुशासन और समर्पण ने मुझे बहुत प्रेरित किया. क्रिकेट मेरा प्यार, मेरी महत्वाकांक्षा और मेरा भविष्य बन गया. मैंने अपने पूरे जीवन में अपनी क्षमताओं को निखारा है, यह उम्मीद करते हुए कि एक दिन मुझे भी अपने देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिलेगा. मैंने कभी नहीं सोचा था कि मुझे अपने इस पसंदीदा खेल को छोड़ने पर विचार करना पड़ेगा. लेकिन HRT लेने के कारण मेरा शरीर बदल गया है और अब मेरी ताकत, मांसपेशियों का बल, और एथलेटिक क्षमताएं धीरे-धीरे कम हो रही हैं. वो खेल जो मैंने हमेशा पसंद किया, अब मुझसे दूर हो रहा है.”
हार्मोन रिप्लेसमेंट थेरेपी एक मेडिकल ट्रीटमेंट है जो उन लोगों के लिए है जो हार्मोनल असंतुलन का सामना कर रहे हैं. यह थेरेपी खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी होती है जो मेनोपॉज (Menopause) के बाद के लक्षणों से जूझ रहे हैं. रजोनिवृत्ति के दौरान, शरीर में एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन का उत्पादन कम हो जाता है, जिससे गर्मी के झोंके, मूड में बदलाव और त्वचा में सूखापन जैसे लक्षण होते हैं. HRT का उद्देश्य इन हार्मोनों की आपूर्ति करना और लक्षणों को कम करना है.
HRT में मुख्य रूप से एस्ट्रोजन (Estrogen), प्रोजेस्टेरोन (Progesterone), या दोनों का मिश्रण शामिल होता है. जिन महिलाओं ने गर्भाशय को हटवा लिया है, उन्हें केवल एस्ट्रोजन थेरेपी दी जाती है क्योंकि प्रोजेस्टेरोन की जरूरत मुख्य रूप से गर्भाशय के अस्तर (lining) को कैंसर से बचाने के लिए होती है. अन्य महिलाओं के लिए एस्ट्रोजन और प्रोजेस्टेरोन दोनों का मिश्रण दिया जाता है ताकि एंडोमेट्रियल कैंसर का जोखिम कम हो सके.
HRT विभिन्न तरीकों से दी जा सकती है, जैसे कि गोलियां, पैच, जेल (Gel), क्रीम, या इम्प्लांट. प्रत्येक व्यक्ति की जरूरत के अनुसार इन्हें चुना जा सकता है.
हर व्यक्ति की स्थिति के अनुसार HRT की अवधि अलग-अलग हो सकती है. लक्षणों में राहत कुछ हफ्तों में दिखना शुरू हो जाती है, पर पूरी तरह असर दिखाने में लगभग तीन महीने का समय लग सकता है. आमतौर पर मेनोपॉज के लक्षणों को नियंत्रित करने के लिए HRT एक से पांच साल तक दी जाती है. कुछ लोगों को लंबे समय तक भी इसकी जरूरत होती है, लेकिन इसे डॉक्टर की निगरानी में जारी रखना होता है.
-भारत एक्सप्रेस
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