खेल

क्या आधुनिक ओलंपिक खेलों के पहले संस्करण में विजेताओं को नहीं मिला था स्वर्ण पदक?

प्राचीन ओलंपिक खेलों का इतिहास

प्राचीन ओलंपिक खेल मुख्य रूप से ग्रीक देवी-देवताओं के पिता ज़ीउस के सम्मान में आयोजित एक धार्मिक उत्सव का हिस्सा थे. यह उत्सव और खेल ओलंपिया में आयोजित किए जाते थे. ऐसा माना जाता है कि प्राचीन ओलंपिक खेलों की शुरुआत 776 ईसा पूर्व में हुई थी, जिसमे पास के शहर एलिस के कोरोइबोस नामक एक रसोइये ने 600 फीट लंबी पैदल दौड़ जीती थी. कुछ पारंपरिक दंतकथाओं के अनुसार, 724 ईसा पूर्व तक 600 फीट लम्बी दौड़ शुरूआती ओलंपिक खेलों का एकमात्र एथलेटिक आयोजन था.

ओलंपिक खेलों का पुनर्जन्म

हालाँकि प्राचीन खेल 776 ईसा पूर्व से 393 ईस्वी तक ग्रीस के ओलंपिया में आयोजित किए जाते थे, लेकिन रोमन सम्राट थियोडोसियस प्रथम ने ईसाई धर्म को बढ़ावा देने के लिए 393 ई. में इन खेलों पर प्रतिबंध लगा दिया था. ओलंपिक को वापस आने में 1503 साल लग गए. पहला आधुनिक ओलंपिक 1896 में ग्रीस के एथेंस में आयोजित किया गया था. इसके पुनर्जन्म का श्रेय बैरन पियरे डी कुबेर्टिन नामक एक फ्रांसीसी इतिहासकार को जाता है, जिन्होंने 1894 में यह विचार प्रस्तुत किया था. उनकी मूल योजना यह थी कि आधुनिक खेलों का उद्घाटन वर्ष 1900 में उनके गृहनगर पेरिस में हो, लेकिन 34 देशों के प्रतिनिधि इस अवधारणा से सहमत नहीं थे और उन्होंने आधुनिक ओलंपिक खेलों के पहले संस्करण को वर्ष 1896 में एथेंस में आयोजित कराने का प्रस्ताव रखा.

आधुनिक ओलंपिक खेलों का पहला संस्करण

6 अप्रैल 1896 को, प्राचीन ग्रीस की एक लुप्त परंपरा, ओलंपिक खेलों का 1,500 वर्षों बाद एथेंस में पुनर्जन्म हुआ. पहले संस्करण में 14 देशों के खिलाड़ियों ने भाग लिया था, जिनमें सबसे बड़ा प्रतिनिधिमंडल ग्रीस, जर्मनी, फ्रांस और ग्रेट ब्रिटेन से आया था. पहले आधुनिक ओलंपिक खेलों में संयुक्त राज्य अमेरिका का दबदबा रहा जिसने सबसे अधिक स्वर्ण पदक (11) जीते, जबकि मेजबान देश ग्रीस ने कुल मिलाकर सबसे अधिक 47 पदक जीते, हालांकि उसके पास अमेरिका से 155 एथलीट अधिक थे.

ओलिव क्राउन प्राप्त करते हुए एथलीट

1896 एथेंस ओलंपिक में नहीं मिला स्वर्ण पदक

प्राचीन ओलंपिक खेलों में केवल एक ही विजेता होता था और केवल उसे ही सम्मानित किया जाता था. विजेताओं को जैतून की डाली से बनी माला या मुकुट और नकद पुरष्कार से सम्मानित किया जाता था. जब 1896 में आधुनिक ओलंपिक खेलों की शुरुआत हुई, तो सफल ओलंपियन प्रतिभागियों को पदक दिए जाने लगे. हालाँकि, 1896 में एथेंस, ग्रीस में पहले आधुनिक ओलंपिक में स्वर्ण पदक नहीं दिए गए थे. विजेताओं को इसके बजाय एक रजत पदक और एक जैतून की शाखा दी गई, जबकि उपविजेता को एक लॉरेल शाखा और एक कांस्य पदक मिला. आधुनिक ओलंपिक खेलों में प्रतिभागियों को तीन वर्गों में पदक प्रदान किया जाता है. प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले या चैंपियंस को स्वर्ण पदक से सम्मानित किया जाता है तो वहीं दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को क्रमशः रजत और कांस्य पदक प्राप्त होता है.

-भारत एक्सप्रेस 

Prashant Rai

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