गौतम गंभीर की Border-Gavaskar Trophy से पहले प्रेस कॉन्फ्रेंस
Border-Gavaskar Trophy: न्यूजीलैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में भारत की हार के बाद टीम इंडिया को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ रहा है. फैन्स से लेकर क्रिकेट के बड़े दिग्गज तक टीम की आलोचना कर रहे हैं. इस बीच, भारतीय टीम (Indian Cricket Team) के सामने अब बड़ी चुनौती बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी (BGT) की है, जिसके लिए टीम के कुछ सदस्य 10 नवंबर को ऑस्ट्रेलिया के लिए रवाना हो चुके हैं. सीरीज से पहले भारतीय टीम के कोच गौतम गंभीर (Gautam Gambhir) ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया. इस दौरान गंभीर ने हर तीखे सवालों का जवाब दिया.
गंभीर ने कप्तान रोहित शर्मा (Rohit Sharma) के पहले टेस्ट में खेलने से जुड़े सवालों पर अपनी राय दी. गंभीर ने कहा कि रोहित के खेलने को लेकर अभी कोई स्पष्ट जानकारी नहीं है. उम्मीद है कि वह पहले टेस्ट के लिए उपलब्ध रहेंगे, लेकिन इस पर आखिरी फैसला मैच के ठीक पहले लिया जाएगा. यदि रोहित नहीं खेल पाते, तो ओपनिंग के लिए अभिमन्यु ईश्वरन (Abhimanyu Easwaran) और केएल राहुल (KL Rahul) जैसे विकल्प टीम के पास मौजूद हैं. गौतम गंभीर ने यह भी साफ किया कि अगर रोहित शर्मा पहले टेस्ट में नहीं खेलते, तो जसप्रीत बुमराह (Jasprit Bumrah) टीम की कमान संभालेंगे.
हाल ही में ऑस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान रिकी पॉन्टिंग (Ricky Ponting) ने विराट कोहली (Virat Kohli) की फॉर्म पर चिंता जताई थी. पॉन्टिंग ने कहा था कि अगर विराट की जगह कोई और खिलाड़ी होता और पांच साल में केवल दो शतक बनाए होते, तो शायद उसे टॉप ऑर्डर में खेलने का मौका ही न मिलता. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए गंभीर ने कहा कि पॉन्टिंग को भारतीय क्रिकेट पर टिप्पणी करने के बजाय ऑस्ट्रेलिया की क्रिकेट पर ध्यान देना चाहिए.
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गंभीर ने रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म पर भी अपना भरोसा जताया. उन्होंने कहा,”मुझे रोहित शर्मा और विराट कोहली की फॉर्म को लेकर कोई चिंता नहीं है. मेरे लिए ड्रेसिंग रूम में खिलाड़ियों की भूख और जुनून ज्यादा महत्वपूर्ण है, और मुझे लगता है कि वहाँ काफी भूख है. हमारे पास ऐसे कई अनुभवी खिलाड़ी हैं जिन्होंने इन हालातों में खेला है. उनके अनुभव से युवा खिलाड़ियों को काफी मदद मिलेगी.”
कोच के रूप में अपनी भूमिका को लेकर हो रही आलोचनाओं पर गंभीर ने कहा, “मैं जानता था कि यह रोल आसान नहीं होगा. मुझे अभी किसी खास आलोचना का सामना नहीं करना पड़ रहा है, लेकिन मैंने इस चुनौती को पूरी तैयारी के साथ स्वीकार किया है.”
ऑस्ट्रेलिया दौरे की चुनौतियों को लेकर गंभीर ने कहा कि तैयारी बेहद महत्वपूर्ण होगी. उन्होंने कहा कि ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पहले टेस्ट से पहले ये दस दिन भारतीय खिलाड़ियों के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं.
बता दें कि सीरीज का पहला मैच 22 नवंबर से पर्थ में खेला जाएगा, और इस बार टीम इंडिया जीत के इरादे से मैदान पर उतरेगी. बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी के पिछले चार संस्करणों में भारत ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सीरीज जीती है. इनमें से दो सीरीज ऑस्ट्रेलिया की सरजमीं पर और दो भारत में हुईं.
भारत के पिछले दोनों ऑस्ट्रेलियाई दौरों में विराट कोहली कप्तान थे. हालांकि, 2020-21 की सीरीज में उन्होंने केवल एक मैच खेला और व्यक्तिगत कारणों से स्वदेश लौट आए थे. उनके बाद अजिंक्य रहाणे (Ajinkya Rahane) ने कप्तानी संभाली और भारत ने लगातार दूसरी बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतकर इतिहास रच दिया था. खास बात यह है कि इन दोनों सफल दौरों पर रवि शास्त्री (Ravi Shastri) भारत के मुख्य कोच थे.
-भारत एक्सप्रेस
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