ODI World Cup 2027: भारतीय क्रिकेट के अनुभवी स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने हाल ही में रोहित शर्मा और विराट कोहली के ODI करियर और टीम इंडिया के भविष्य को लेकर चर्चा में अपनी राय रखी है.
अश्विन ने चयन समिति और बीसीसीआई की उस रणनीति का समर्थन किया है, जिसके तहत सीनियर खिलाड़ियों को यह साबित करना होगा कि वे 2027 वर्ल्ड कप में खेलने के लायक हैं. उन्होंने कहा कि इसके लिए दोनों को घरेलू टूर्नामेंटों में खेलकर अपनी गंभीरता और फॉर्म दिखानी होगी.
अश्विन ने रोहित शर्मा की कप्तानी की खुले तौर पर तारीफ की. उन्होंने याद दिलाया कि रोहित ने भारत को 2024 टी20 वर्ल्ड कप और 2025 चैंपियंस ट्रॉफी जिताई है. लेकिन, उन्होंने साफ किया कि अब चयन समिति का ध्यान केवल कप्तानी पर नहीं, बल्कि टीम के भविष्य पर है. “रोहित की कप्तानी पर कोई बहस नहीं है, लेकिन सवाल यह है कि क्या वह 2027 विश्व कप के लिए सही विकल्प हैं?” अश्विन ने अपने यूट्यूब चैनल पर कहा.
अश्विन ने सुझाव दिया कि इंडिया ए और विजय हजारे ट्रॉफी जैसे टूर्नामेंट सीनियर खिलाड़ियों के लिए फॉर्म में लौटने का बेहतरीन मौका हैं. उन्होंने कहा, “अगर चयनकर्ताओं या कोच चाहते हैं कि आप इस सीरीज में खेलें, तो यह सिर्फ यह दिखाने के लिए है कि आप खेलने के लिए गंभीर हैं. यह चयन के लिए नहीं, बल्कि लय और फॉर्म के लिए है.”
ये भी पढ़ें- “उनका घर मेरे नाम से चल रहा है…” Dhanashree Verma के धोखाधड़ी के आरोपों पर Yuzvendra Chahal ने तोड़ी चुप्पी
अश्विन ने यह भी स्पष्ट किया कि चयनकर्ता किसी भी सीनियर खिलाड़ी के अनुभव को नजरअंदाज नहीं करेंगे. उनके अनुसार, रोहित या कोहली जैसे खिलाड़ी टीम के लिए महत्वपूर्ण हैं और चयन समिति उनके योगदान को हल्के में नहीं लेगी. घरेलू टूर्नामेंट में उनका प्रदर्शन यही दिखाएगा कि वे कितने गंभीर हैं और आगामी वर्ल्ड कप की योजना में उनका स्थान सुरक्षित है या नहीं.
Also Follow Bharat Express on Youtube
– भारत एक्सप्रेस
Weather Today: 18 सितंबर को देश के 16 राज्यों में बारिश और आंधी का अलर्ट…
Aaj Ka Panchang: शुक्रवार को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि दोपहर बाद समाप्त होकर…
Aaj Ka Rashifal: शुक्रवार का दिन अलग-अलग राशि के जातकों के लिए करियर, धन, परिवार…
19 सितंबर 2026 को मनाई जाएगी राधाष्टमी. जानिए राधा-कृष्ण की पूजा का सही शुभ मुहूर्त,…
Nepal Dog Cruelty: नेपाल के बझांग जिले से पशु क्रूरता का एक बेहद दर्दनाक और…
पेरियार और अन्नादुरै के बीच आजादी के दिन और व्यक्तिगत फैसलों पर हुए मतभेदों ने…