Ayodhya Deepotsav: भगवान श्रीराम की पावन नगरी अयोध्या एक बार फिर आस्था और श्रद्धा के उजाले में नहाई. रामनवमी के अवसर पर शहर के हर कोने को 2 लाख दीयों से रोशन किया गया, जिससे अयोध्या की धरती दिव्य और भव्य नजर आई. सरयू तट पर दीयों की चमक ने जैसे भगवान राम के स्वागत का आभास कराया.
राम जन्मोत्सव की शुरुआत सुबह 9:30 बजे भगवान रामलला के विशेष अभिषेक से हुई, जो एक घंटे तक चला. इसके बाद उनका भव्य श्रृंगार किया गया. दोपहर 12 बजे राम का जन्मोत्सव मनाया गया, जिसमें पहले जन्म की आरती अर्पित की गई. भक्तों ने 56 प्रकार के भोग अर्पित किए और मंदिर परिसर में जयकारों की गूंज सुनाई दी.
अयोध्या के सरयू घाट पर संध्या आरती आयोजित की गई, जिसमें भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. वातावरण में भक्ति का रंग बिखर गया और हर कोई राम के चरणों में डूबा नजर आया. राम जन्म भूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि सुबह 9:30 से 10:30 बजे तक श्रृंगार हुआ और इसके बाद प्रसाद वितरित किया गया.
रामलला का सूर्य तिलक भी इस अवसर पर हुआ. लगभग 4 मिनट तक सूर्य की किरणें रामलला के ललाट पर पड़ीं, जो कि एक वैज्ञानिक प्रयोग के तहत किया गया है. इस प्रयोग को इसरो के वैज्ञानिकों ने विकसित किया है.
अंगद टीला पर राम कथा, श्रीराम चरित मानस और वाल्मीकि रामायण के पारायण जैसे कार्यक्रम भी आयोजित किए गए. राम मंदिर में मंत्रों के जाप के साथ बधाई गीतों की गूंज सुनाई दी, जिससे पूरी नगरी राममय हो गई.
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