Bharat Express DD Free Dish

Lord Rama

भारतभूमि के सबसे प्रसिद्ध महाकाव्‍य रामायण के 'उत्तर कांड' में अयोध्‍या के कुछ आमजन द्वारा कही गई बातों के चलते भगवान राम द्वारा सीताजी को वन भेजने का प्रसंग मिलता है, जो आज भी राजधर्म, कर्तव्य और करुणा को लेकर गहरे सवाल खड़े करता है.

Pashupatastra Astra: पाशुपतास्त्र भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक था. इसे पाने के लिए केवल शौर्य नहीं, बल्कि तप, संयम और भक्ति की भी आवश्यकता थी. आज भी यह अस्त्र भारतीय पौराणिक कथाओं में रहस्य और शक्ति का प्रतीक बना हुआ है.

Shri Ram's Character & Appearance: रामनवमी के अवसर पर श्रीराम के रंग-रूप, स्वभाव और शारीरिक आकार के बारे में जानिए वाल्मीकि रामायण से. उनका चरित्र कैसा था, उनमें दया, विनम्रता और साहस के प्रति क्या दृष्टिकोण था.

राम मंदिर निर्माण कार्य के बारे में राम मंदिर निर्माण समिति के अध्यक्ष नृपेंद्र मिश्रा ने कई बातें बताईं. उन्‍होंने कहा- अप्रैल तक सभी कार्य पूरे होने की उम्मीद है. निर्माण कार्य की कुल लागत 1900 करोड़ आंकी गई, जिसमें से अब तक 1600 करोड़ का भुगतान हो चुका है.

पाशुपतास्त्र भगवान शिव की दिव्य शक्ति का प्रतीक था. इसे पाने के लिए केवल शौर्य नहीं, बल्कि तप, संयम और भक्ति की भी आवश्यकता थी. आज भी यह अस्त्र भारतीय पौराणिक कथाओं में रहस्य और शक्ति का प्रतीक बना हुआ है.

Ram Mandir Pran Pratishtha Anniversary: आज रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की दूसरी वर्षगांठ है. इस अवसर पर पीएम मोदी ने रामभक्‍तों को बधाई दी. सीएम योगी और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने अयोध्या में हुए उत्सव में हिस्‍सा लिया.

डॉ. रामविलास वेदांती ने कहा कि जब भगवान श्रीराम का भव्य मंदिर बन चुका है और उस पर भगवा ध्वज लहरा रहा है, तो अब यह सुनिश्चित किया जाना चाहिए कि रामनगरी की हर निशानी भगवान राम और उनकी परंपराओं से जुड़ी हो.

PM मोदी ने गोवा में 77 फीट ऊंची श्रीराम की प्रतिमा का अनावरण किया, जिसे 'स्टैच्यू ऑफ यूनिटी' के शिल्पकार राम सुतार ने बनाया है. पीएम ने आज ही कर्नाटक में उडुपी के श्री कृष्ण मठ में पूजा की और 1 लाख लोगों के साथ श्रीमद्भगवद गीता का पाठ किया.

Ayodhya Ram Temple: अयोध्या में सैकड़ों वर्षों के उपरांत राम मंदिर का पुर्ननिर्माण हुआ है. पीएम मोदी 25 नवंबर को मंदिर के शिखर पर धर्म ध्वज फहराएंगे. इसके लिए भव्य समारोह की तैयारी चल रही हैं.

रावण बुराइयों का प्रतीक था. हालांकि, वह एक महान तपस्वी और विद्वान भी था, लेकिन उसके अत्‍याचारों और अहंकार ने उसे बुरी मौत मरवाया. विभीषण को छोड़कर उसका पूरा कुनबा मारा गया. भगवान विष्णु के अवतार श्रीराम के हाथों उसका वध हुआ.