उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार को गोरखपुर के महाराणा प्रताप इंटर कॉलेज में आयोजित ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा को संबोधित करते हुए विपक्ष पर जमकर सियासी तीर चलाए. इस दौरान उन्होंने कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए उनकी कार्यशैली और बयानों पर करारा पलटवार किया.
कांग्रेस नेता राहुल गांधी की राजनीतिक लॉन्चिंग पर तंज कसते हुए मुख्यमंत्री ने उन्हें ‘फुस्स रॉकेट’ की संज्ञा दी. उन्होंने कहा कि दीपावली पर कुछ रॉकेट ऐसे होते हैं जिनमें बत्ती लगाने के बाद लोग आसमान की तरफ देखते रह जाते हैं, लेकिन वे वहीं थोड़ा सा धुआं छोड़कर बुझ जाते हैं. राहुल गांधी की स्थिति भी बिल्कुल ऐसी ही हो चुकी है.
मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि कांग्रेस ने उन्हें वर्ष 2004 में सांसद, 2007 में महासचिव, 2013 में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष और 2017 में राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में कई बार लॉन्च किया, लेकिन इसके बावजूद वे राजनीतिक रूप से सफल नहीं हो सके.
सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव के उस बयान पर जिसमें उन्होंने कहा था कि ‘अगली पीढ़ी हर लाठी और हर जख्म का बदला लेगी’, सीएम योगी ने कड़ा पलटवार किया. उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी के ‘बबुआ’ को यह समझ लेना चाहिए कि लोकतंत्र में बदले की भावना के लिए कोई जगह नहीं होती, बल्कि जनता वोट के जरिए बड़ा बदलाव लाती है. वर्ष 2014 के देश और 2017 व 2022 के उत्तर प्रदेश चुनावों का हवाला देते हुए उन्होंने कहा कि जनता ने परिणामों से यह साबित कर दिया है कि सत्ता किसके हाथ में रहनी चाहिए.
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) का विरोध करने को लेकर भी सीएम योगी ने इंडी गठबंधन को आड़े हाथों लिया. उन्होंने कहा कि जब निर्वाचन आयोग देश की सुरक्षा और निष्पक्षता के लिए मृत व्यक्तियों, पाकिस्तानियों और बांग्लादेशी घुसपैठियों के नाम सूची से हटा रहा है, तब विपक्ष इसका विरोध क्यों कर रहा है. विदेशी घुसपैठिए देश के गरीबों, दलितों और वंचितों के अधिकार छीनते हैं, ऐसे में उनके नाम हटाना बेहद आवश्यक है.
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मुख्यमंत्री ने राहुल-अखिलेश की जोड़ी की तुलना परीक्षा में बार-बार फेल होने वाले उस छात्र से की जो अपनी नाकामी छुपाने के लिए कभी पेन की स्याही खत्म होने तो कभी कॉपी गायब होने का बहाना बनाता है. साथ ही, आपातकाल और 1984 के सिख विरोधी दंगों का जिक्र करते हुए उन्होंने कांग्रेस पर कड़े सवाल दागे और कहा कि जो लोग खुद लोकतंत्र की हत्या के दोषी रहे हैं, वे आज लोकतंत्र पर उपदेश दे रहे हैं.
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