कानपुर देहात से सामने आई एक छोटी बच्ची की अपील ने लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया है. देश की सीमा पर तैनात एक जवान की बेटी आज अपने ही घर में बिजली जैसी बुनियादी सुविधा के लिए इंतजार कर रही है. छठी कक्षा में पढ़ने वाली आयत ने सोशल मीडिया के जरिए जिला प्रशासन से मदद की गुहार लगाई है.
अकबरपुर के कृष्णा नगर में रहने वाली आयत ने वीडियो में बेहद सरल शब्दों में अपनी परेशानी बताई. उसने जिलाधिकारी को संबोधित करते हुए कहा, “डीएम अंकल, मैं एक सैनिक की बेटी हूं. मेरे पापा नागालैंड में देश की सेवा कर रहे हैं. हमारा घर आपके आवास के बहुत पास है, लेकिन अभी तक हमारे घर में बिजली का कनेक्शन नहीं लगा है. गर्मी में बहुत परेशानी होती है और पढ़ाई भी ठीक से नहीं हो पाती. कृपया हमारे घर में बिजली लगवा दीजिए.”
आयत के इस वीडियो में ना कोई शिकायत का तीखा अंदाज है और ना ही किसी पर आरोप लगाया गया है. इसमें सिर्फ एक बच्ची की उम्मीद नजर आती है कि शायद उसकी बात जिम्मेदार अधिकारियों तक पहुंचे और उसकी समस्या का समाधान हो सके. वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल गया, जिसके बाद प्रशासन का भी ध्यान इस मामले की ओर गया.
आयत की मां आसमा खान ने बताया कि उनका परिवार काफी समय से बिजली कनेक्शन के लिए प्रयास कर रहा है. उनके पति भारतीय सेना में तैनात हैं और इस समय नागालैंड में देश की सेवा कर रहे हैं. आसमा के मुताबिक, जब भी उनके पति छुट्टी लेकर घर आते हैं, वह बिजली विभाग के कार्यालयों के चक्कर लगाते हैं, लेकिन हर बार किसी ना किसी कारण से काम आगे नहीं बढ़ पाता है.
परिवार ने 24 अप्रैल 2026 को नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया था. आसमा का कहना है कि इसके बाद भी अब तक कनेक्शन नहीं मिला है. विभाग की ओर से उन्हें बताया गया कि कनेक्शन के लिए करीब 82 हजार रुपये का एस्टीमेट जमा करना होगा. आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण इतनी बड़ी रकम का इंतजाम करना परिवार के लिए मुश्किल है.
सबसे हैरानी की बात यह है कि जिस घर में बिजली नहीं पहुंची है, उसके पास ही बिजली का खंभा लगा हुआ है. यानी बिजली की लाइन मौजूद है, लेकिन परिवार को अब तक कनेक्शन नहीं मिल पाया है.
बिजली की समस्या से निपटने के लिए परिवार ने अपने घर में सोलर पैनल लगवाया है, लेकिन उससे सिर्फ सीमित जरूरतें ही पूरी हो पाती हैं. मौसम खराब होने या धूप कम निकलने पर सोलर सिस्टम भी काम करना बंद कर देता है. इसका सबसे ज्यादा असर बच्चों की पढ़ाई पर पड़ रहा है.
आसमा खान ने बताया कि गर्मी के दिनों में रात को पंखा तक नहीं चल पाता, जिससे बच्चों की नींद प्रभावित होती है. घर में बिजली से चलने वाले कई सामान मौजूद हैं, लेकिन बिजली के अभाव में उनका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है.
उन्होंने कहा कि उनके पति देश की सुरक्षा में लगे हुए हैं, लेकिन उनका परिवार यहां एक जरूरी सुविधा के लिए संघर्ष कर रहा है. बेटी की अपील के बाद अब उम्मीद है कि प्रशासन जल्द इस मामले का समाधान करेगा.
मामला सामने आने के बाद जिलाधिकारी कपिल सिंह ने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी मिली है. उन्होंने बताया कि बिजली विभाग के अधिशासी अभियंता से रिपोर्ट मांगी जाएगी और जांच के बाद नियमों के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी.
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