India Australia Defense Partnership: ऑस्ट्रेलिया में पीएम मोदी और वहां के PM एंथनी अल्बनीज की मौजूदगी में भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच कई बड़े समझौतों पर मुहर लग गई है. भारत और ऑस्ट्रेलिया ने रक्षा क्षेत्र में स्टार्टअप्स और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए एक डिफेंस इनोवेशन कॉरिडोर बनाने का फैसला किया है. इस साझेदारी से दोनों देशों की सेनाओं के बीच बेहतर तालमेल और इंटरऑपरेबिलिटी सुनिश्चित होगी.
आतंकवाद विरोधी सहयोग
जॉइंट डिफेंस डिक्लेरेशन के तहत दोनों देश आतंकवाद से निपटने पर जोर देंगे. साथ ही इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में मैरीटाइम सिक्योरिटी रोडमैप के जरिए सहयोग बढ़ाया जाएगा. इससे समुद्री निगरानी और तटीय सुरक्षा को मजबूती मिलेगी. भारत के एक आर्मी ऑफिसर को ऑस्ट्रेलियन डिफेंस कॉलेज में तैनात करने का भी निर्णय लिया गया है.
ऊर्जा सुरक्षा में मजबूती
भारत और ऑस्ट्रेलिया ने ऊर्जा क्षेत्र में भी साझेदारी को मजबूत किया है. भारत की सिविल न्यूक्लियर एनर्जी जरूरतों को पूरा करने के लिए ऐतिहासिक यूरेनियम एग्रीमेंट किया गया है. इसके अलावा भारत LNG, कोयला और डीजल ऑस्ट्रेलिया से आयात करेगा ताकि अपने ऊर्जा स्रोतों को विविध बनाया जा सके.
जरूरी मिनरल्स और टेक्नोलॉजी
दोनों देशों ने ज़रूरी मिनरल्स पर आधारित एक कॉरिडोर बनाने पर सहमति जताई है. साथ ही PACTS एग्रीमेंट के तहत साइबर सुरक्षा और जरूरी टेक्नोलॉजी सप्लाई चेन को मजबूत करने पर काम करेंगे. यह कदम भविष्य की तकनीकी चुनौतियों से निपटने और सप्लाई चेन को लचीला बनाने में मदद करेगा.
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भारत और ऑस्ट्रेलिया की यह साझेदारी रक्षा, ऊर्जा और तकनीकी क्षेत्रों में नए अवसर खोलेगी. इससे न केवल दोनों देशों की सुरक्षा और आर्थिक मजबूती बढ़ेगी बल्कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता और सहयोग भी मजबूत होगा.
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-भारत एक्सप्रेस
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