प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को दक्षिण अमेरीकि देश घाना पहुंचे, जहां उनको गॉर्ड ऑफ ऑनर और 21 तोपों की सलामी के साथ स्वागत किया गया. घाना ने पीएम मोदी को अपने देश का सर्वोच्च सम्मान ‘ऑफिसर ऑफ द ऑर्डर ऑफ द स्टार ऑफ घाना’ से सम्मानित किया. पीएम मोदी ने अपनी यात्रा के दौरान घाना के संसद को संबोधित किया और राष्ट्रपति और उनकी पत्नी सहित कुछ नेताओं को तोहफे भी दिए.
कर्नाटक के बीदर से बिदरीवेयर फूलदानों की यह बेहतरीन जोड़ी भारत के प्रसिद्ध धातु शिल्प को दर्शाती है, जो अपनी आकर्षक काली फिनिश और बढ़िया चांदी की जड़ाई के लिए जानी जाती है.
ये सदियों पुरानी तकनीक का उपयोग करके कुशल कारीगरों द्वारा हाथो से बनाई गई, फूलदान जस्ता-तांबे के मिली हुई धातु से बनी हैं, जिन पर सुंदरता और समृद्धि का प्रतीक पुष्प रूपांकनों को उकेरा गया है और उनके प्रतिष्ठित रूप के लिए एक अनूठी ऑक्सीकरण प्रक्रिया के साथ समाप्त किया गया है.
पारंपरिक कलात्मकता को समकालीन रूप के साथ जोड़ती ये फूलदान सद्भाव और एकजुटता का प्रतीक हैं, जो उन्हें शादियों, सालगिरह, त्योहारों या कॉर्पोरेट अवसरों के लिए एक सुंदर, सार्थक उपहार बनाते हैं. सजावट से कहीं अधिक, ये फूलदान कर्नाटक की समृद्ध शिल्प विरासत और कालातीत कलात्मकता का प्रतीक हैं.
ओडिशा के कटक से यह सुंदर सिल्वर फिलिग्री वर्क पर्स, क्षेत्र के प्रसिद्ध तारकासी शिल्प का एक शानदार उदाहरण है. 500 वर्षों से अधिक समय से शुद्ध जटिल सिल्वर फिलिग्री. कुशल कारीगरों द्वारा सावधानीपूर्वक हस्तनिर्मित है. इसमें महीन सिल्वर तारों से बने नाजुक फूल और बेल के रूपांकन हैं, जो इसे हवादार हल्केपन को स्थायित्व और लालित्य के साथ जोड़ते हैं.
पारंपरिक रूप से आभूषणों में उपयोग किए जाने वाले कटक के फिलिग्री अब इस पर्स जैसे आधुनिक सामानों को सजाते हैं, जो समकालीन शैली के साथ विरासत को मिलाते हैं. यह अनुग्रह, सांस्कृतिक गौरव और कारीगरी की महारत का प्रतीक है, जो इसे ओडिशा की समृद्ध शिल्प परंपरा का एक कालातीत स्मृति चिन्ह बनाता है.
कश्मीर में चांगथांगी बकरी के बढ़िया अंडरकोट से तैयार यह शानदार पश्मीना शॉल कलात्मकता और लालित्य से सजे है. अपनी असाधारण कोमलता, गर्मजोशी और हल्केपन के लिए प्रसिद्ध, इस शॉल में कश्मीरी विरासत के प्रतीक जटिल हाथ से कढ़ाई किए गए पुष्प और पैस्ले रूपांकनों की विशेषता है.
प्रत्येक टुकड़े में कुशल कारीगरों द्वारा सावधानीपूर्वक हाथ से कताई, बुनाई और कढ़ाई शामिल होती है, जिसे पूरा करने में अक्सर सप्ताह या महीने लग जाते हैं. दुनिया भर में मनाया जाने वाला, असली पश्मीना एक कार्यात्मक शीतकालीन सहायक और भारत की समृद्ध कपड़ा विरासत का प्रतीक है.
पश्चिम बंगाल में हस्तनिर्मित यह उत्तम लघु हाथी अंबावरी शाही परंपरा और भारत की समृद्ध कलात्मक विरासत का प्रतीक है. औपचारिक जुलूसों से प्रेरित होकर, जहां हाथी अलंकृत हौदे में कुलीन लोगों को ले जाते थे, यह टुकड़ा पॉलिश किए गए सिंथेटिक हाथीदांत से बनाया गया है. यह प्राकृतिक हाथीदांत का एक नैतिक और टिकाऊ विकल्प है.
फूलों की आकृति से लेकर भव्य छत्र तक, हर विवरण को कुशल कारीगरों द्वारा सटीकता के साथ उकेरा गया है. इसे एक सुरक्षात्मक डिस्प्ले बॉक्स में रखा गया, यह एक सुंदर सजावटी और एक सार्थक उपहार है जो भारत की शाही भव्यता, बेहतरीन शिल्प कौशल और कालातीत सांस्कृतिक विरासत का उदाहरण है.
-भारत एक्सप्रेस
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