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Canada’s First Female Army Chief: लेफ्टिनेंट-जनरल जेनी कैरिगनन कनाडा की पहली महिला सेना प्रमुख नियुक्त, प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने की ये घोषणा

Canada’s First Female Army Chief: कनाडा को पहली महिला सेना प्रमुख मिल गई है. लेफ्टिनेंट-जनरल जेनी कैरिगनन (Jenny Carignan ) को कनाडा (Canada) की पहली महिला सेना प्रमुख नियुक्त किया गया है. इसकी घोषणा प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो (Justin Trudeau) ने की है.

प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने एक प्रेस विज्ञप्ति में बताया कि जेनी कैरिगनन वर्तमान रक्षा प्रमुख जनरल वेन आइरे की जगह लेंगी. वह कनाडाई सशस्त्र बल (सीएएफ) से सेवानिवृत्त हो रहे हैं. जेनी कैरिगनन 18 जुलाई को कार्यभार संभालेंगी. वहीं प्रधानमंत्री जस्‍ट‍िन ट्रूडो को नारीवादी माना जा रहा है, क्‍योंक‍ि उन्‍होंने इस तरह के कई बड़े निर्णय किए हैं. 2018 में उन्होंने ब्रेंडा लक्की को रॉयल कैनेडियन माउंटेड पुलिस की पहली महिला प्रमुख के रूप में नियुक्त किया था. पिछली दो गवर्नर जनरल और ब्रिटिश राजशाही की आधिकारिक प्रतिनिधि महिलाओं को ही बनाया.

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35 वर्षों से अधिक का है सैन्य करियर

समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, कैरिगनन का सैन्य करियर 35 वर्षों से ज्यादा का है. जेनी कैरिगनन दो कॉम्बैट इंजीनियर रेजिमेंट, रॉयल मिलिट्री कॉलेज सेंट-जीन और कनाडा डिवीजन को संभाल चुकी हैं, जहां उन्‍होंने 10 हजार से ज्यादा सैनिकों का नेतृत्व किया है.

इराक में भी रह चुकी हैं तैनात

साल 2008 में जेनी कैरिगनन सीएएफ इतिहास में लड़ाकू हथियार इकाई की कमान संभालने वाली पहली महिला बनीं थीं. वह अफगानिस्तान युद्ध, बोस्निया-हर्जेगोविना, इराक और सीरिया में सैनिकों की कमान संभाल चुकी हैं. 2019 से 2020 तक नाटो मिशन के तहत इराक में तैनात रहीं. उनको ऑर्डर ऑफ मिलिट्री मेरिट के कमांडर के रूप में नियुक्त क‍िया जा चुका है. इसके अलावा वह मेरीटोर‍ियस सर्विस मेडल भी जीत चुकी हैं. प्रत‍िष्‍ठ‍ित Gloire de l’Escolle medal से भी उनको नवाजा जा चुका है.

चार बच्चों में से दो सेना में

मीडिया सूत्रों के मुताबिक, कैरिगनन ऐसे समय में पद संभालने जा रही हैं, जब कनाडा अपने रक्षा खर्च को लेकर परेशान है. पिछले साल नवंबर में नौसेना के प्रमुख ने कहा था क‍ि सेना की स्‍थ‍ित‍ि बेहद कमजोर है. सेना में सारे उपकरण पुराने हो गए हैं. गोला बारूद के ल‍िए भी पर्याप्‍त पैसा भी अब नहीं है. अगर यही स्‍थ‍ित‍ि रही तो हम अपना मूल कर्तव्‍य भी पूरा नहीं कर पाएंगे. बता दें कि जेनी के चार बच्‍चे हैं, जिनमें से 2 कनाडा की सेना में सेवा दे रहे हैं.

-भारत एक्सप्रेस

Archana Sharma

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