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पीएम मोदी की मास्को यात्रा से पहले वरिष्ठ रूसी राजनयिक का आया बड़ा बयान, भारत-रूस संबंध को लेकर कही ये बात

PM Modi’s Moscow Visit: संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि ने कहा कि रूस लंबे समय से भारत का मित्र देश रहा है.

PM Modis Moscow visit

अगले हफ्ते मास्को की यात्रा पर जाने वाले हैं पीएम मोदी

PM Modi’s Moscow Visit: देश के तीसरी बार प्रधानमंत्री बनने के बाद नरेंद्र मोदी अगले हफ्ते मास्को की यात्रा पर जाने वाले हैं. इससे पहले संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंजिया का बड़ा बयान सामने आया है. उन्होंने पीएम मोदी की यात्रा को लेकर कहा है कि इस यात्रा से कई अहम संदेश निकलेंगे और दोनों देशों के बीच संबंध और भी प्रगाढ़ होंगे.

उन्होंने इस महीने के लिए सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालने के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि रूस लंबे समय से भारत का मित्र देश रहा है. भारत के साथ हमारी रणनीतिक साझेदारी है. दोनों देश अहम मुद्दों पर ठोस बातचीत करेंगे और इससे गंभीर संदेश निकलेंगे, संयुक्त दस्तावेज के रूप में. इसके अलावा उन्होंने ये भी कहा कि “मुझे उम्मीद है कि रूस-भारत संबंध और भी बेहतर होंगे.”

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तीसरी बार पीएम बनने के बाद पहली रूस यात्रा

बता दें कि पीएम मोदी की मास्को यात्रा का इसलिए भी विशेष महत्व माना जा रहा है क्योंकि यह प्रधानमंत्री मोदी की तीसरी बार चुने जाने के बाद पहली रूस यात्रा होगी. फरवरी 2022 में रूस ने यूक्रेन पर आक्रमण कर दिया, उसके बाद से भारत और रूस के बीच कोई उच्च स्तरीय द्विपक्षीय यात्रा नहीं हुई है. प्रधानमंत्री मोदी ने आखिरी बार 2019 में रूस का दौरा किया था, जब उन्होंने व्लादिवोस्तोक में पांचवें पूर्वी आर्थिक मंच शिखर सम्मेलन में भाग लिया था.

2015 में हुई थी मास्को की यात्रा

बता दें कि मॉस्को की पीएम मोदी की आखिरी आधिकारिक यात्रा 2015 में हुई थी. पुतिन की भारत की आखिरी यात्रा 2021 में हुई थी. उन्होंने पिछले साल नई दिल्ली में आयोजित जी20 शिखर सम्मेलन में हिस्सा नहीं लिया था. इस बीच, पीएम मोदी ने 2021 और 2023 में अमेरिका का दौरा किया, जब राष्ट्रपति जो बाइडेन ने उनका स्वागत किया था.

एक दिन में हल नहीं हो सकता यूक्रेन का संकट

अफगानिस्तान के साथ सोमवार को दोहा में शुरू हुई संयुक्त राष्ट्र प्रायोजित वार्ता के बारे में उन्होंने कहा कि यह “उपयोगी” थी लेकिन इसके परिणाम को लेकर संशय है. उन्होंने कहा कि “हर कोई अफगानिस्तान के लिए अच्छा चाहता है लेकिन इसे कैसे करना है, इसका रोडमैप हर देश में अलग-अलग है और मुश्किलें छोटी-छोटी बातों में ही छिपी हैं.” तो वहीं पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के इस दावे के बारे में पूछे जाने पर कि वे 24 घंटे में यूक्रेन युद्ध समाप्त कर पाएंगे, संयुक्त राष्ट्र में रूस के स्थायी प्रतिनिधि वसीली नेबेंजिया ने कहा, “यूक्रेन का संकट एक दिन में हल नहीं हो सकता.”

पीएम मोदी ने पुतिन से कही थी ये बात

गौतरतलब है कि भारत ने यूक्रेन पर रूस के आक्रमण की सार्वजनिक निंदा नहीं की है लेकिन प्रधानमंत्री मोदी ने 2022 में उज्बेकिस्तान में एक बैठक के दौरान पुतिन से सीधे कहा था कि “मैं जानता हूं कि आज का युग युद्ध का युग नहीं है और मैंने इस बारे में आपसे फोन पर बात की है.” मालूम हो कि यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के लिए भारत ने कूटनीतिक दबाव बनाना जारी रखा है और प्रधानमंत्री मोदी यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर ज़ेलेंस्की के संपर्क में भी हैं. पश्चिमी देशों को नजरअंदाज करते हुए, नई दिल्ली ने मास्को के साथ आर्थिक और रक्षा संबंध जारी रखा है, खासकर ऊर्जा के क्षेत्र में.

-भारत एक्सप्रेस



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